नई दिल्ली। देशभर में भीषण गर्मी के बीच लोगों को अब मानसून का बेसब्री से इंतजार है। मौसम विभाग और मौजूदा मानसूनी पैटर्न के आधार पर इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से बेहतर रहने की संभावना जताई जा रही है। अनुमान है कि मानसून सबसे पहले केरल तट पर 27 मई से 1 जून के बीच दस्तक देगा और इसके बाद धीरे-धीरे पूरे देश में आगे बढ़ेगा।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष कई राज्यों में मानसून समय पर या हल्का जल्दी पहुंच सकता है, जिससे किसानों, आम लोगों और जल संकट से जूझ रहे इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह संभावित तारीखें हैं और अरब सागर व बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम के अनुसार इनमें बदलाव संभव है।
किस राज्य में कब पहुंचेगा मानसून
- 🌧️ केरल — 27 मई से 1 जून
- 🌧️ कर्नाटक — 1 से 5 जून
- 🌧️ तमिलनाडु — 1 से 6 जून
- 🌧️ आंध्र प्रदेश — 4 से 10 जून
- 🌧️ तेलंगाना — 5 से 12 जून
- 🌧️ महाराष्ट्र — 8 से 15 जून
- 🌧️ गोवा — 7 से 10 जून
- 🌧️ छत्तीसगढ़ — 10 से 16 जून
- 🌧️ ओडिशा — 10 से 15 जून
- 🌧️ पश्चिम बंगाल — 10 से 16 जून
- 🌧️ झारखंड — 12 से 18 जून
- 🌧️ बिहार — 13 से 20 जून
- 🌧️ पूर्वी उत्तर प्रदेश — 15 से 22 जून
- 🌧️ मध्य प्रदेश — 15 से 22 जून
- 🌧️ गुजरात — 18 से 25 जून
- 🌧️ दिल्ली NCR — 25 से 30 जून
- 🌧️ हरियाणा — 26 जून से 1 जुलाई
- 🌧️ पंजाब — 27 जून से 3 जुलाई
- 🌧️ राजस्थान — 25 जून से 5 जुलाई
- 🌧️ उत्तराखंड — 27 जून से 4 जुलाई
- 🌧️ हिमाचल प्रदेश — 28 जून से 5 जुलाई
- 🌧️ जम्मू-कश्मीर — 1 से 10 जुलाई
किसानों और आम लोगों को मिलेगी राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर मानसून आने से खरीफ फसलों की बुवाई बेहतर होगी। राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर भारत के कई हिस्सों में गर्मी और पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे नियमित मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें, क्योंकि चक्रवाती गतिविधियों और समुद्री परिस्थितियों के कारण मानसून की गति में बदलाव हो सकता है।

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