देशभर के 21 बदलावकर्ताओं को मिलेगा सम्मान, शिक्षा, भूखमुक्त समाज और पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिलेगा मंच
इंदौर। समाज में बदलाव लाने वाले असली नायक अक्सर सुर्खियों से दूर रहते हैं, लेकिन उनके छोटे-छोटे प्रयास हजारों जिंदगियों में बड़ा बदलाव लेकर आते हैं। ऐसे ही अनसुने और अनदेखे समाजसेवियों को पहचान दिलाने वाली पहल ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ अब अपने तीसरे संस्करण के साथ और बड़े स्तर पर लौट रही है।
सतत विकास लक्ष्यों को जनआंदोलन बनाने की दिशा में कार्यरत संस्था ‘2030_का_भारत’ द्वारा शुरू किए गए इस अभियान के पहले संस्करण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने के क्षेत्र में काम करने वाले 8 लोगों को सम्मानित किया गया था। वहीं दूसरे संस्करण में शिक्षा, भूखमुक्त समाज और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत 15 बदलावकर्ताओं को सम्मान मिला था।
अब तीसरे संस्करण में यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार ले रही है। इस बार देशभर से 21 ऐसे लोगों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने शिक्षा, भूखमुक्त समाज और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया है। खास बात यह है कि अब तक 7 राज्यों तक सीमित यह पहल अब पूरे भारत में पहुंच रही है, जिससे देश के किसी भी कोने में समाज के लिए कार्य कर रहे लोगों की प्रेरणादायक कहानियां राष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकेंगी।
संस्था के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि देश केवल नीतियों से नहीं, बल्कि उन लोगों से बदलता है जो दूसरों के लिए जीना जानते हैं। उन्होंने कहा कि ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ ऐसे ही सच्चे बदलावकर्ताओं को सामने लाने का प्रयास है, ताकि समाज अपने असली नायकों को पहचान सके और सकारात्मक बदलाव एक राष्ट्रीय संस्कृति बन सके।
संस्था का मानना है कि वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए केवल सरकारों का प्रयास पर्याप्त नहीं है, बल्कि आमजन की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। यही कारण है कि यह सम्मान उन लोगों को समर्पित है, जो समाज के लिए सोचते हैं, जिम्मेदारी निभाते हैं और बदलाव की नई मिसाल कायम करते हैं।
‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स-2026’ एक बार फिर यह संदेश देने जा रहा है कि असली नायक वही होते हैं, जिनकी आवाज़ भले धीमी हो, लेकिन उनका प्रभाव सबसे गहरा होता है।


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