बिराई में 21 मई को दो गायों पर धारदार हथियारों से हुए हमले के 20 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, जांच बदलने और विशेष समिति गठित करने की उठी मांग

बावड़ी (जोधपुर)। जिले के बावड़ी उपखंड क्षेत्र के बिराई कस्बे में गोवंश पर हुए कथित अत्याचार और बर्बरता के मामले में पुलिस की धीमी कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को खुलकर सामने आया। घटना को लगभग 20 दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज सैकड़ों ग्रामीण, गौभक्त और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि जोधपुर पहुंचे तथा जोधपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय और जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर प्रशासन के समक्ष अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि 21 मई को बिराई स्थित रामबेरी ढाणी में हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। गोवंश पर जिस प्रकार धारदार हथियारों से हमला किया गया, उससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। घटना के बाद पुलिस ने शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया था, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आने से ग्रामीणों का प्रशासन और पुलिस पर विश्वास कमजोर होता जा रहा है।

21 मई को हुआ था दर्दनाक हमला
ग्रामीणों के अनुसार 21 मई की शाम बिराई के रामबेरी ढाणी क्षेत्र में दो गायों पर अज्ञात असामाजिक तत्वों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में दोनों गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और पुलिस थाना खेड़ापा तथा पशु चिकित्सकों को इसकी सूचना दी।
मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के दौरान बताया कि हमलावरों ने अत्यंत क्रूरता के साथ हमला किया था। गायों के शरीर पर गहरे घाव थे तथा कई स्थानों पर मांसपेशियां और हड्डियां तक प्रभावित हुई थीं। पशुओं की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें विशेष उपचार के लिए जोधपुर स्थित विश्व स्तरीय गौ चिकित्सालय भेजा गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के अगले ही दिन क्षेत्र में एक अन्य गोवंश पर भी इसी प्रकार के हमले की जानकारी सामने आई, जिससे लोगों का आक्रोश और अधिक बढ़ गया।

48 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन, लेकिन नहीं हुई कार्रवाई
घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों और गौभक्तों ने जोधपुर रोड बस स्टैंड पर धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया था। उस समय पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर 48 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था। प्रशासन के भरोसे के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया था।
हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासन के बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। घटना को 20 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन मामले में कोई बड़ी प्रगति सामने नहीं आई। इसी कारण क्षेत्र के लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है।
पुलिस पर लगाए मामले को दबाने के आरोप
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण पी.डी. नित्या को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि थाना खेड़ापा क्षेत्र में होने वाली कई घटनाओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता और उन्हें दबाने या रफा-दफा करने का प्रयास किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाती तो क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होती।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि गोवंश पर हमले जैसी गंभीर घटना में भी पुलिस द्वारा अपेक्षित गति से जांच नहीं किए जाने से लोगों में कानून व्यवस्था के प्रति चिंता बढ़ी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि देरी के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं और क्षेत्र में भय एवं असुरक्षा का माहौल बन रहा है।

जांच बदलने और विशेष समिति गठित करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मामले की जांच पुलिस थाना खेड़ापा से हटाकर किसी अन्य थाने, विशेष जांच दल अथवा स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। साथ ही उपखंड स्तर पर एक विशेष जांच समिति गठित कर पूरे मामले की निगरानी की जाए और समय-समय पर जांच की प्रगति की समीक्षा की जाए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि आरोपियों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति गोवंश के प्रति इस प्रकार का अपराध करने का साहस न कर सके।
एसपी ने स्वयं निगरानी का दिया भरोसा
ग्रामीणों की बात सुनने के बाद पुलिस अधीक्षक ग्रामीण पी.डी. नित्या ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले की जांच को लेकर आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की निगरानी स्वयं उनके स्तर पर की जाएगी और जांच को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
एसपी ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी तथा दोषियों को कानून के दायरे में लाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को भी सौंपा ज्ञापन
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन देने के बाद ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां उन्होंने प्रदर्शन कर अतिरिक्त जिला कलेक्टर जवाहर चौधरी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर मामले में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर जवाहर चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से देख रहा है। उन्होंने कहा कि गौ माता के साथ न्याय होगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश देकर आवश्यक कार्रवाई करवाने का भरोसा भी दिलाया।
पहले भी कई अधिकारियों को दिए जा चुके हैं ज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि यह पहला अवसर नहीं है जब उन्होंने प्रशासन का दरवाजा खटखटाया हो। इससे पहले 28 मई को भोपालगढ़ वृत्ताधिकारी भूराराम खिलेरी को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई थी। इसके अतिरिक्त घटना के 12 दिन बाद ग्रामीणों ने पुलिस थाना खेड़ापा की कार्यशैली को लेकर बावड़ी उपखंड अधिकारी जवाहरराम चौधरी को भी ज्ञापन दिया था।
हालांकि विभिन्न स्तरों पर आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आने से लोगों में नाराजगी बढ़ती गई और अंततः उन्हें जोधपुर पहुंचकर प्रदर्शन करना पड़ा।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे ग्रामीण और गौसेवक
ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष बीआरएसएस एवं राजस्थान माली सैनी महासभा के प्रदेश महामंत्री नरसिंह गहलोत, कामधेनु सेना जोधपुर के अध्यक्ष गजेंद्र सेन, रूपनाथ महाराज धुणा बिराई के महंत रामनिवास महाराज, महेश कच्छावा, मांगीलाल गहलोत, कानाराम सांखला, ओमप्रकाश भाटी, जगदीश सारस्वत, श्यामलाल देवड़ा, हजारीराम देवड़ा, राजू परिहार, हमीरराम भाटी, प्रकाश गर्ग, दिनेश देवड़ा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, गौभक्त, युवा और कामधेनु सेवा के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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