राजस्थान शारीरिक शिक्षा अध्यापक (PTI) सीधी भर्ती-2022 में फर्जी डिग्री का मामला लगातार गहराता जा रहा है। इस प्रकरण में Rajasthan के Banswara और Dungarpur जिलों में अब तक 29 अभ्यर्थियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। वहीं, 30 अन्य अभ्यर्थी भी जांच एजेंसियों के संदेह के घेरे में आ गए हैं।

29 अभ्यर्थियों पर अब तक कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, बांसवाड़ा जिले के 21 और डूंगरपुर जिले के आठ अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें से 26 अभ्यर्थियों को हाल ही में सेवा से हटाया गया, जबकि तीन अभ्यर्थियों को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका था। इसके अलावा, एक अभ्यर्थी ने जांच शुरू होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था।
एसओजी और शिक्षा विभाग कर रहे जांच
इस मामले की जांच Special Operations Group (SOG) Rajasthan, शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है। संदिग्ध अभ्यर्थियों की डिग्रियों का गहन सत्यापन किया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भर्ती प्रक्रिया में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई।
एक ही साल में कई डिग्रियां लेने पर उठे सवाल
जांच के दौरान सामने आया है कि कई अभ्यर्थियों ने एक ही वर्ष में बीपीएड (B.P.Ed), बीएड (B.Ed) और एसटीसी (STC) जैसी दो या दो से अधिक डिग्रियां हासिल की हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी कम अवधि में कई डिग्रियां प्राप्त करना नियमों के विरुद्ध माना जाता है, जिससे इनकी वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
30 और अभ्यर्थी जांच के घेरे में
सूत्रों के मुताबिक, अब 30 अन्य अभ्यर्थियों की डिग्रियों की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी बर्खास्तगी सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सत्यापन प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा।

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