बावड़ी क्षेत्र में बेमौसम बारिश ने तबाह की मूंग-बाजरे की फसल किसानों की उम्मीद टूटीं
बावड़ी/ गौरी शंकर दाधीच। बावड़ी उपखंड और आसपास के गांवों में शुक्रवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदली। करीब डेढ़ घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने खेतों में खड़ी और कटी दोनों तरह की फसलों को बर्बाद कर दिया। बाजरा, मूंग, मौठ, ग्वार व कपास की लहलहाती फसलें पानी में डूब गईं, वहीं पहले से काटकर रखी गई मूंग-बाजरे की ढेरियां भी बरसात के पानी में तैरने लगीं।अणवाणा, डांवरा, हरढाणी, नादियां, जोईतरा, कास्टी, लवेरा, कल्ला खुर्द, साउतकुआं और गोविंदपुरा, सेवकी कला, सेवकी खुर्द, बुचेटी, बिराई सहित अनेक गांवों के खेत पानी से भर गए। किसान खेतों की मेंढ़ पर खड़े होकर अपनी मेहनत पर कहर टूटते देख असहाय नजर आए।
धनारी कला से लेकर सोयला तक बरसा कहर
धनारी कला के किसान महादेव खीचड़ ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जिसने मूंग व बाजरा की पूरी कटाई की गई फसल को चौपट कर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों के चेहरों पर अब सिर्फ हताशा और आंसू ही बाकी हैं।सोयला, मोरनावड़ा, धनारी खुर्द और छिंडीया गांवों में लगभग चालीस मिनट तक मूसलाधार बारिश हुई। किसान बाबूलाल गौड़ (मोरनावड़ा), नगाराम गोदारा (छिंडीया) और सुरेश सोऊ (सोयला) ने बताया कि खेतों में खड़ी व कटी फसलें पूरी तरह बरबाद हो गई हैं। किसानों ने चेताया कि यदि सरकार तुरंत राहत नहीं देती तो वे ज्ञापन सौंपकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
किसानों की पीड़ा:-–
ओपी विश्नोई (अणवाणा): “दो महीने की मेहनत, एक घंटे में बर्बाद। अब तो घर चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।”
महादेव खीचड़ (धनारी कल्ला): “हर बार की तरह सरकार आश्वासन तो देती है, लेकिन मुआवजा कब मिलेगा, कोई नहीं जानता।”
नगाराम (छिडिया): “कर्ज़ पहले ही सिर पर था, अब बारिश ने उम्मीद भी डुबो दी।”
गणपत राम भाटी (बुचेटी): बारिश के कहर ने मूंग की कटी हुई फसल को भी डुबो दिया, खर्चा, बीज, भाङा मेहनत सब व्यर्थ गई
कृषि विभाग की अपील
कृषि प्रवेक्षक कंचन चौधरी ने किसानों से अपील की है कि वे तुरंत फसल नुकसान की जानकारी बीमा कंपनी तक पहुंचाएं। इसके लिए 72 घंटे के भीतर ऑनलाइन नंबर 14447 या चेट बोर्ड 7065514447 पर संपर्क करना जरूरी है।


Leave a Reply