नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट करने वाले करोड़ों UPI यूजर्स के लिए अहम खबर है। Reserve Bank of India (RBI) ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए नए नियम लागू करने की तैयारी में है। प्रस्तावित बदलावों के तहत अब ₹10,000 से अधिक की राशि किसी नए बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने पर 1 घंटे का अनिवार्य समय अंतराल लागू किया जा सकता है।
इस दौरान यूजर को ट्रांजैक्शन को रद्द (Cancel) करने का विकल्प भी मिलेगा, जिससे धोखाधड़ी के मामलों को रोका जा सके।

📌 क्यों लिया जा रहा है यह फैसला?
डिजिटल फ्रॉड के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी RBI के लिए चिंता का विषय बन गई है।
- साल 2021 में जहां लगभग ₹551 करोड़ के फ्रॉड केस सामने आए थे
- वहीं 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर ₹22,000 करोड़ से ज्यादा पहुंच गया
खास बात यह है कि ₹10,000 से अधिक के ट्रांजैक्शन कुल फ्रॉड वैल्यू का करीब 98% हिस्सा कवर करते हैं। ऐसे में यह नया नियम बड़े फ्रॉड को रोकने में कारगर माना जा रहा है।
🛑 क्या बदलेगा आपके लिए?
- नए अकाउंट में तुरंत पैसा ट्रांसफर नहीं होगा
- ₹10,000 से ऊपर ट्रांजैक्शन में 1 घंटे की देरी हो सकती है
- इस दौरान आप ट्रांजैक्शन रोक या रद्द कर सकेंगे
- पहले से सेव (trusted) अकाउंट्स पर असर कम रहेगा

🔐 RBI के अन्य प्रस्तावित सुरक्षा उपाय
Reserve Bank of India ने इसके अलावा कुछ और अहम कदमों पर भी विचार किया है:
- 70 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए “Trusted Person” सुविधा
- “Kill Switch” फीचर – जरूरत पड़ने पर तुरंत डिजिटल पेमेंट बंद करने का विकल्प
- बड़ी राशि के ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त वेरिफिकेशन
📊 क्या है APP फ्रॉड?
APP (Authorised Push Payment) फ्रॉड में यूजर को झांसा देकर खुद ही पैसे ट्रांसफर करवाए जाते हैं। ऐसे मामलों में पैसा तुरंत चला जाता है और रिकवरी मुश्किल हो जाती है। नया नियम इसी प्रकार के फ्रॉड को रोकने पर फोकस करेगा।
ये बदलाव UPI पेमेंट को थोड़ा धीमा जरूर कर सकते हैं, लेकिन आपकी सुरक्षा को कई गुना मजबूत बनाएंगे।

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