Adani Enterprises ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी को बड़ा झटका लगा है। एक साल पहले जहां कंपनी को 3,845 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था, वहीं इस बार 220.7 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया गया है।

मुनाफे से घाटे में क्यों आई कंपनी?
कंपनी के घाटे में आने की सबसे बड़ी वजह पिछले साल मिला असाधारण (Exceptional) लाभ है। दरअसल, वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में कंपनी ने अपने AWL Agri Business (पूर्व में अदाणी विल्मर) में हिस्सेदारी बेचकर करीब 3,945.7 करोड़ रुपये का एकमुश्त लाभ कमाया था।
इस साल ऐसा कोई बड़ा सौदा नहीं हुआ, जिसके चलते मुनाफे की तुलना में सीधा घाटा दिख रहा है। यानी, यह गिरावट ऑपरेशन की कमजोरी से ज्यादा “बेस इफेक्ट” का परिणाम है।
राजस्व में फिर भी मजबूत बढ़त
हालांकि, कंपनी के ऑपरेशन पूरी तरह कमजोर नहीं हुए हैं। Q4 में कंपनी का परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 20.3% बढ़कर 32,439.3 करोड़ रुपये पहुंच गया।
कुल आय भी करीब 20% बढ़कर 33,187 करोड़ रुपये हो गई, जो यह दिखाता है कि कंपनी का बिजनेस विस्तार जारी है।
खर्च बढ़ने से दबाव
इस तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 23.5% बढ़कर 32,458.3 करोड़ रुपये हो गया। खर्च की यह तेज बढ़ोतरी राजस्व से ज्यादा रही, जिससे कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव पड़ा और घाटा सामने आया।
EBITDA और कोर बिजनेस का प्रदर्शन
कंपनी का EBITDA (Earnings Before Interest, Tax, Depreciation and Amortization) 3% बढ़कर 4,479 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी ने बताया कि अब उसके कोर इंफ्रास्ट्रक्चर और यूटिलिटी बिजनेस का योगदान लगातार बढ़ रहा है और यह कुल EBITDA का लगभग 80% हिस्सा बन चुका है।

घाटे के बावजूद डिविडेंड का ऐलान
दिलचस्प बात यह है कि घाटे में रहने के बावजूद कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को निराश नहीं किया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.3 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने की मंजूरी दी है।

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