निगेटिव ग्लोबल संकेतों के बीच शेयर बाजार में भारी गिरावट जारी। निफ्टी 22,500 के नीचे और सेंसेक्स 72,400 के करीब। रुपये में मजबूती, ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर पार, कोल इंडिया और BHEL से जुड़ी बड़ी खबरें।

Today Share Market Updates
निगेटिव वैश्विक संकेतों के चलते आज भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है। बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई और दोपहर तक बिकवाली का दबाव और बढ़ गया।
दोपहर 12 बजे के आसपास निफ्टी 22,500 के नीचे फिसल गया, जबकि सेंसेक्स 1,189.76 अंक गिरकर 72,393.46 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 338.75 अंकों की गिरावट के साथ 22,480.85 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से BEL और पावर ग्रिड को छोड़कर लगभग सभी शेयर लाल निशान में ट्रेड कर रहे हैं, जिससे बाजार में कमजोरी साफ दिखाई दे रही है।
ग्लोबल संकेतों का असर, कच्चे तेल में उछाल
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर बाजार पर साफ नजर आ रहा है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा संघर्ष में शामिल होने के ऐलान के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में यह तेजी भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता का कारण बन सकती है, जिससे बाजार में और दबाव बढ़ने की आशंका है।
कोल इंडिया को मिला बड़ा ऑर्डर
Coal India Share Price Today:
कोल इंडिया को तेलंगाना पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन से एक बड़ा प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी को चौटुप्पल में 750 MWh क्षमता का BESS प्लांट स्थापित करने का ऑर्डर मिला है।
- प्रोजेक्ट लागत: ₹1,057.09 करोड़
- टैरिफ: ₹3.14 लाख प्रति MW प्रति माह
इस खबर के बाद दोपहर करीब 2:15 बजे कोल इंडिया का शेयर 2.30% चढ़कर ₹455.30 पर पहुंच गया।
BHEL Share Price Today:
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) को NTPC से 3×800 MW तेलंगाना चरण-II STPP के लिए मुख्य प्लांट पैकेज का ऑर्डर मिला है।
हालांकि, इस सकारात्मक खबर के बावजूद शेयर में गिरावट देखने को मिली और करीब 1 बजे BHEL का शेयर 0.82% गिरकर ₹252.75 पर ट्रेड करता दिखा।
रुपये में मजबूती

Rupee vs Dollar:
शेयर बाजार की कमजोरी के बीच रुपये ने मजबूती दिखाई है।
- पिछला बंद: 94.81 प्रति डॉलर
- आज का स्तर: 94.60 प्रति डॉलर
यानी रुपया डॉलर के मुकाबले 21 पैसे मजबूत हुआ है, जो विदेशी मुद्रा बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
निष्कर्ष
आज का दिन शेयर बाजार के लिए दबाव भरा रहा, जहां वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। हालांकि, कुछ कंपनियों को मिले बड़े ऑर्डर और रुपये की मजबूती बाजार के लिए थोड़ी राहत जरूर दे रही है।

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