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बावड़ी टंकी सुसाइड केस: दो आरोपी गिरफ्तार, ब्लैकमेल और शोषण से परेशान महिला ने दी थी जान

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जोधपुर। बावड़ी कस्बे के पूनियों की बासनी  में पानी की टंकी पर चढ़कर जहर खाकर आत्महत्या करने वाली महिला के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस थाना खेड़ापा ने आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण, ब्लैकमेल और शारीरिक शोषण के मामले में महिपाल और गोपाल नामक आरोपियों को दस्तयाब किया है।

जिला पुलिस अधीक्षक पी डी नित्या ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी महिपाल पुत्र भंवराराम और गोपाल पुत्र हरिराम निवासी पूनियों की बासनी, थाना खेड़ापा क्षेत्र के रहने वाले हैं। दोनों पर महिला को ब्लैकमेल कर परेशान करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप हैं।

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वीडियो बनाकर करते थे ब्लैकमेल

पुलिस के अनुसार 16 मई 2026 को मृतका के भाई बजरंगसिंह ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि आरोपियों ने उसकी बहन को अपने जाल में फंसाकर शारीरिक संबंध बनाए और उसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार पैसों की मांग की जाती रही। मानसिक रूप से परेशान होकर महिला ने 15 मई को बावड़ी कस्बे की पानी की टंकी पर चढ़कर जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

बड़ी बहन ने भी की थी आत्महत्या

जांच में सामने आया कि मृतका की बड़ी बहन ने भी कुछ समय पहले जहरीली गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका ने 11 अप्रैल 2026 को खेड़ापा थाने में रिपोर्ट देकर बताया था कि उसकी बड़ी बहन को भी आरोपियों द्वारा धोखे से शारीरिक शोषण कर ब्लैकमेल किया जाता था। आरोपियों द्वारा वीडियो वायरल करने और पैसों की मांग से परेशान होकर बड़ी बहन ने 20 मार्च 2026 को आत्महत्या कर ली थी।

एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी पीडी नित्या ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपालसिंह लखावत और रघुनाथ गर्ग के सुपरविजन में विशेष टीमों का गठन किया। साइबर सेल और पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

वहीं एसपी पीडी नित्या ने पूनियों की बासनी पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और बाद में पुलिस थाना खेड़ापा में अधिकारियों के साथ मामले की समीक्षा की। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रघुनाथ गर्ग और थाना अधिकारी लाखाराम जाखड़ भी मौजूद रहे।

पुलिस के अनुसार मामले में तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे अनुसंधान जारी है। जिन लोगों की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। मामले में लापरवाही बरतने पर संबंधित चौकी अधिकारी को लाइन हाजिर किया गया है।

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