भिवाड़ी । भिवाड़ी पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार को लेकर एक बड़ी और मिसाल बनने वाली कार्रवाई की है। केवल तीन दिन पहले शुरू हुआ एक अवैध फार्मा कारखाना भिवाड़ी पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में ध्वस्त कर दिया गया। इस कारखाने में नशीली दवाइयां बनाने का काम किया जा रहा था, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 60 करोड़ रुपये तक आंकी जा रही है।
पुलिस के अनुसार, खरानी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित APL फार्माकेम कंपनी की आड़ में ये अवैध कारोबार चल रहा था। पुलिस ने एसओजी जयपुर और ATS गुजरात के साथ मिलकर इस पूरे नेटवर्क को बेनकाब किया। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान 22.1 किलोग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ जब्त किए गए, जिनमें अल्प्राजोलम, टेमाजेपाम, प्राजेपाम और सनसेट येलो एफसीएफ जैसे खतरनाक रसायन शामिल हैं। यह पदार्थ पूरी तरह से अवैध थे और युवाओं में नशे के रूप में फैलने का गंभीर खतरा थे।
गिरफ्तारी और कार्रवाई
पुलिस ने कंपनी के मालिक अशुल शास्त्री, संचालक अखिलेश मौर्य और केमिस्ट कृष्णा कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी भिवाड़ी फेज तृतीय थाना पुलिस की कड़ी मेहनत और सावधानी से की गई कार्रवाई का परिणाम है। पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखते हुए सटीक जानकारी हासिल की और आरोपियों को भागने का कोई मौका नहीं दिया।
पुलिस के उच्च अधिकारियों का मार्गदर्शन
भिवाड़ी पुलिस की इस विशेष और महत्वपूर्ण कार्रवाई को जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राघवेंद्र सुहास आईपीएस, भिवाड़ी पुलिस अधीक्षक प्रशांत किरण आईपीएस और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतुल साहू के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। वृताधिकारी कैलाश चौधरी के सुपरविजन में थानाधिकारी दारासिंह की अगुआई में इस कार्रवाई को बेहद गोपनीय और पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया।
समाज में पुलिस का विश्वास मजबूत
यह कार्रवाई न केवल अवैध कारोबारियों के लिए एक कड़ा संदेश है, बल्कि आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास को भी और मजबूत करती है। पुलिस की तत्परता और सख्त कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि भिवाड़ी में नशे और अवैध धंधों के लिए कोई जगह नहीं है। अब पुलिस के प्रति भरोसा और भी बढ़ा है, और अपराधियों के लिए इससे भी सख्त संदेश गया है।


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