जोधपुर में कृषि नवाचार और बिरसा मुंडा का संदेश — 192 गोष्ठियों से किसानों में नई ऊर्जा का संचार
जोधपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेशभर में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में “जनजातीय गौरव वर्ष” के तहत विविध कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत शुक्रवार को जोधपुर जिले में कृषक संगोष्ठियों एवं बैठकों का आयोजन किया गया।
जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल के निर्देशानुसार जोधपुर जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कृषकों के लिए विभागीय योजनाओं की जानकारी, कृषि नवाचारों एवं भगवान बिरसा मुंडा के जीवन मूल्यों पर आधारित संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य कृषकों को प्रेरित करना, सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना तथा भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष, आदर्श एवं समाज सुधार के योगदान से उन्हें परिचित कराना रहा।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) जोधपुर ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में जिलेभर में कुल 192 कृषक संगोष्ठियों का आयोजन किया गया, जिनसे 7 हजार 540 कृषक लाभान्वित हुए। इन संगोष्ठियों में कृषि विभाग के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मुख्यमंत्री कृषि संजीवनी योजना, कृषि विविधीकरण, जैविक खेती, जल संरक्षण एवं मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन से संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
ग्राम पंचायत बावड़ी, पंचायत समिति बावड़ी में आयोजित संगोष्ठी में कृषकों को नवीन कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, और सरकारी योजनाओं के माध्यम से कृषि आय बढ़ाने के उपाय बताए गए। उपस्थित कृषकों ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लेकर स्वावलंबन एवं सामुदायिक विकास की दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया।
शेखाला में आयोजित कृषक बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ जल संरक्षण और मृदा परीक्षण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में भगवान बिरसा मुंडा के जनजागरण एवं आत्मनिर्भरता के संदेश को कृषि क्षेत्र से जोड़ा गया।
पंचायत समिति मंडोर में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कृषक गोष्ठी में कृषकों को सतत कृषि पद्धतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों एवं सामूहिक खेती जैसे नवाचारों से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने कृषकों से अधिक उत्पादन और कम लागत की दिशा में वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती केवल एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि आदिवासी गौरव, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम समाज के वंचित वर्गों और कृषक समुदाय तक योजनाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


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