जोधपुर। भारतीय किसान संघ, जोधपुर ने किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। जिला मंत्री मेघाराम तरङ के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कृषि, राजस्व, विद्युत, फसल बीमा और राहत कार्यों से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में संवत 2079 के आदान अनुदान राशि गबन प्रकरण को प्रमुखता से उठाते हुए ग्राम जोईंतरा में तत्कालीन पटवारी और राम सा ई-मित्र, बावड़ी की मिलीभगत से सरकारी राशि के सुनियोजित गबन का आरोप लगाया गया। किसान संघ ने दोषी कर्मचारियों को बर्खास्त करने, आपराधिक मुकदमा दर्ज करने, गबन राशि की रिकवरी करने और मामले को दबाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

संघ ने 18 और 19 मार्च 2026 को हुई बेमौसम बारिश, तूफान और ओलावृष्टि से जिले के कई क्षेत्रों में फसलों को हुए भारी नुकसान पर चिंता जताई। ओसियां, चामू, सेखाला, तिंवरी, बावड़ी, उम्मेद नगर, सामडाऊ और मंडोर सहित कई इलाकों में जीरा, सोंफ, इसबगोल, रायडा, मेथी, गेहूं, चना, प्याज और सरसों की फसलें प्रभावित हुई हैं। ज्ञापन में पूरे जिले को आपदा ग्रस्त घोषित करने, विशेष गिरदावरी करवाने, प्रभावित किसानों को मुआवजा देने, कृषि ऋण माफ करने और आगामी सीजन के लिए ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध करवाने की मांग रखी गई।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी 2026 की हजारों इंडिविजुअल सर्वे शिकायतों को बिना पारदर्शिता के निरस्त किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। किसान संघ ने निरस्त शिकायतों की निष्पक्ष पुनः जांच करवाने, पात्र किसानों को बीमा क्लेम दिलाने और सर्वे प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
इसके अलावा क्षेत्र में सक्रिय फसल बीमा माफिया और CSC केंद्रों द्वारा खरीफ 2025 एवं रबी 2026 में फर्जी बीमा पॉलिसियां जारी करने के मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई।

विद्युत विभाग से जुड़ी समस्याओं को लेकर बावड़ी क्षेत्र में सिंगल फेस और घरेलू बिजली कनेक्शनों में अनियमितताओं, अवैध वसूली और दलाल तंत्र पर सवाल उठाए गए। ज्ञापन में लंबित विद्युत कनेक्शनों की सूची सार्वजनिक करने, फीडर सुधार कार्यों की प्रगति रिपोर्ट जारी करने और बावड़ी व स्वामी ऊमगिरी जी की ढाणी क्षेत्र में नए GSS स्वीकृत करने की मांग रखी गई।
भारतीय किसान संघ ने किसानों को कृषि कार्य के लिए बिना किसी मात्रात्मक प्रतिबंध के डीजल उपलब्ध करवाने, खरीफ सीजन को देखते हुए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने तथा समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों पर फसल सफाई और ग्रेडिंग मशीनों की निशुल्क व्यवस्था करने की मांग भी की।

संघ ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो संगठन लोकतांत्रिक और आंदोलनात्मक रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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