जोधपुर। राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने शुक्रवार को कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर में अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति, अनुसंधान, कृषि तकनीकी नवाचार, परीक्षा प्रणाली, सामुदायिक सेवाएँ और छात्र कल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहरी चर्चा की गई।
राज्यपाल ने कृषि शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, परिणामोन्मुख और स्थानीय कृषि आवश्यकताओं से जोड़े जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का शोध और नवाचार तभी सार्थक होगा, जब वह सीधे किसानों तक पहुंचे और उनके जीवन को प्रभावित करे। इसके लिए जैविक एवं प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण आधारित कृषि, और स्थानीय फसल प्रजातियों के संवर्धन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
समीक्षा बैठक के बाद, राज्यपाल बागडे ने कृषि-वानिकी परियोजना क्षेत्र का भ्रमण किया और जैविक कृषि के मॉडल को सराहा। उन्होंने किसानों को पपीता, केला, आम, अंगूर जैसी फसलें विकसित करने के लिए प्रेरित किया ताकि वे आय में वृद्धि कर सकें।
इस अवसर पर राज्यपाल ने मृदा दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों, रंगोली और पोस्टरों की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में, राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में अशोक का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय परिवार से पर्यावरण संरक्षण को संस्थागत पहचान देने की अपील की।


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