जोधपुर।संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद जोधपुर द्वारा बुधवार को किसान कॉम्प्लेक्स, जोधपुर के सभा कक्ष में कपास फसल एवं रबी फसलों पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जोधपुर खण्ड डॉ. जी.आर. मटोरिया, द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि जिले में कपास खरीफ फसल का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। कपास को ष्श्वेत सोनाष् के नाम से जाना जाता है, जिसकी उन्नत तकनीकों से खेती करना आवश्यक है, अन्यथा उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही, रबी फसलों में डी.ए.पी. उर्वरक के स्थान पर एस.एस.पी. का उपयोग अधिक उपयुक्त रहेगा।
कार्यशाला में कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार मीणा, नारायण लाल डांगी एवं डॉ. रमेश कुमार द्वारा खरीफ एवं रबी फसलों में नवीनतम कीट, व्याधि, उर्वरक एवं खरपतवार नियंत्रण विषयों पर पी.पी.टी. प्रस्तुतियाँ दी गई। कृषकों ने उत्साहपूर्वक प्रश्नोत्तर सत्र में भाग लिया एवं संतुलित प्रयोग द्वारा आय एवं उत्पादन वृद्धि के उपायों पर चर्चा की।
IFFCO के डॉ. जितेन्द्र भाकर ने Liquid DAP, Nano Urea एवं एस.एस.पी. जैसे संतुलित वैकल्पिक उर्वरकों के प्रयोग की जानकारी दी।
कार्यशाला में सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) महेन्द्र सिंह, कृषि अधिकारी राजेश कुमार भंवाल, जितेन्द्र सिंह, राजेन्द्र गढ़वाल एवं नेमाराम पटेल द्वारा भी कृषकों को तकनीकी एवं विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।
कार्यशाला में कुल 102 कृषकों एवं कार्मिकों ने भाग लिया। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) एस.एन. गढ़वाल द्वारा सभी सहभागियों को धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम का समापन किया गया। साथ ही, उपस्थित अतिरिक्त निदेशक द्वारा सभी सहभागियों को धरती माता बचाओ अभियान की शपथ दिलाई गई। जिसमें रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने हेतु जैव एवं कार्बनिक खाद का अधिकतम प्रयोग, कृषि विभाग की सिफारिश अथवा मिट्टी जांच रिपोर्ट के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग तथा धरती माता की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करने हेतु शपथ दिलाई।


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