नागपुर । भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों में से एक, एक्सिस बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। बैंक ने तिमाही के दौरान 6,490 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो सालाना आधार पर एक मजबूत वृद्धि दर्शाता है। इसके साथ ही, बैंक ने जमा और अग्रिमों में भी मजबूत वृद्धि की रिपोर्ट की है।
मुख्य वित्तीय परिणाम:
- नेट इंटरेस्ट इनकम (NII): बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम में सालाना आधार पर 5% और तिमाही आधार पर 4% की वृद्धि हुई, जो 14,287 करोड़ रुपये रही।
- नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM): 3.64% पर स्थिर रहा, जो एक सकारात्मक संकेत है।
- फी आय: बैंक की कुल फी आय 12% बढ़कर 6,100 करोड़ रुपये हो गई, जिसमें रिटेल फी आय ने भी समान 12% की वृद्धि की।
- एनपीए (NPA): बैंक का ग्रॉस एनपीए 1.40% और नेट एनपीए 0.42% पर घटा, जो गुणवत्ता वाले संपत्ति प्रबंधन को दर्शाता है।
- कैपिटल एडेकेसी रेशियो (CAR): बैंक का कुल CAR 16.55% और CET-1 अनुपात 14.50% पर पहुँचा, जो बैंक के मजबूत पूंजीकरण का संकेत है।
बैंक के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में वृद्धि:
- वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार: एक्सिस बैंक का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 6,87,738 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जो तिमाही आधार पर 7% और सालाना आधार पर 8% की वृद्धि दर्शाता है।
- डिजिटल और वितरण नेटवर्क: बैंक का वितरण नेटवर्क अब 6,110 शाखाओं और 281 बिजनेस करस्पॉन्डेंट बैंकिंग आउटलेट्स तक फैल चुका है, जो पिछले साल की तुलना में बढ़ा है।
प्रबंध निदेशक और सीईओ अमिताभ चौधरी का बयान:
बैंक के MD और CEO, अमिताभ चौधरी ने कहा, “इस तिमाही में हमारी प्रगति इस बात को दर्शाती है कि हम अपने ग्राहकों के लिए ऐसे समाधान तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो सच में मायने रखते हैं। हम डिजिटल बैंकिंग को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं और भविष्य को आकार देने के लिए अपनी टीमों को सशक्त बना रहे हैं।”


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