मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर अब कमोडिटी बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। हाल के दिनों में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है कि इस समय किस धातु में निवेश करना ज्यादा फायदेमंद रहेगा।

कीमतों में भारी गिरावट
जनवरी के अंत में ऑल टाइम हाई छूने के बाद सोना और चांदी दोनों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। अगर उस स्तर से तुलना करें तो सोना करीब 45 हजार रुपये तक सस्ता हो चुका है, जबकि चांदी की कीमतों में और भी बड़ी गिरावट आई है और यह लगभग आधी रह गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के करेक्शन की संभावना पहले से ही जताई जा रही थी, लेकिन मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने इस गिरावट को और तेज कर दिया।
क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुसार, वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता और शेयर बाजारों में गिरावट के कारण निवेशक अपने नुकसान की भरपाई के लिए सोना-चांदी में बिकवाली कर रहे हैं। यही वजह है कि सुरक्षित निवेश माने जाने वाले इन विकल्पों में भी दबाव देखने को मिल रहा है।
गोल्ड-सिल्वर रेश्यो पर रखें नजर

अजय केडिया का कहना है कि इस समय निवेश का सही फैसला लेने के लिए गोल्ड-सिल्वर रेश्यो को समझना बेहद जरूरी है। फरवरी में यह रेश्यो 44 था, जो अब बढ़कर 64 तक पहुंच गया है।
जब यह रेश्यो बढ़ता है, तो इसका मतलब होता है कि सोना चांदी के मुकाबले बेहतर रिटर्न दे सकता है। वहीं, रेश्यो घटने पर चांदी में निवेश अधिक फायदेमंद माना जाता है।
अभी क्या खरीदें?
मौजूदा हालात को देखते हुए विशेषज्ञ सोने में निवेश को प्राथमिकता देने की सलाह दे रहे हैं। खासतौर पर वे गोल्ड ETF में SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए निवेश करने को बेहतर विकल्प मानते हैं, जिससे बाजार की अस्थिरता का जोखिम कम किया जा सकता है।

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