भगवान गिरिराज को लगाया 56 भोग, भजनों और झांकियों ने बांधा समां
बावड़ी। ग्राम स्थित केसरिया कंवर महाराज मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर कथा व्यास अक्षय अनंत गौड़ ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशा नाश का कारण है। व्यक्ति को जीवन में किसी भी प्रकार का नशा नहीं करना चाहिए, क्योंकि नशा मनुष्य के जीवन, परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है।
उन्होंने कहा कि माता-पिता का कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ-साथ उत्तम संस्कार भी दें, ताकि वे जीवन में सही मार्ग पर चल सकें और गलत संगति व नशे जैसी बुराइयों से दूर रहें।

कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया। माखन चोरी, गोपियों के साथ बाल सुलभ शरारतों सहित विभिन्न प्रसंगों का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के बीच प्रस्तुत किए गए भजनों पर महिलाओं ने भक्ति भाव से नृत्य किया।
कथा प्रभारी हरेंद्र गौड़ ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन विश्व स्तरीय गौ चिकित्सालय नागौर की ओर से श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर कुशाल गिरी महाराज के सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है।

पंचम दिवस पर भगवान गिरिराज को 56 भोग अर्पित किए गए। इस अवसर पर भजन “आओ आओ सांवरिया भेगा आओ, जीमो थे भोग लगाओ” की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में जसवंतगढ़ की आर.के. झांकी टीम द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं एवं संत मीराबाई की दिव्य झांकियों का प्रदर्शन किया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा।

मंच संचालन अशोक सोनी ने किया। कथा में जालाराम सांखला (पूर्व प्रधान), जगाराम सांखला (पूर्व सरपंच), अन्नदाराम छंगाणी, सुरेश मंत्री, पुजारी धनारा, लुम्बाराम सांखला, मेगाराम देवासी, जगदीश सारस्वत, बीजाराम, रामरख देवड़ा सहित आसपास एवं दूर-दराज के अनेक गांवों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।


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