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जोधपुर में ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत विशाल रैली, जिला कलेक्टर को सौंपा मांगपत्र

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जोधपुर।गौमाता के संरक्षण, सुरक्षा और सम्मान की मांग को लेकर आज जोधपुर शहर में ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत बड़ी संख्या में गोभक्तों ने रैली निकालकर जिला कलेक्टर आलोक रंजन को मांगपत्र सौंपा। यह मांगपत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम भेजा गया, जिसमें गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने, गौ सेवा के लिए केंद्रीय कानून बनाने और पूरे भारत में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की प्रमुख मांग रखी गई।

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देशव्यापी इस अभियान के तहत 27 अप्रैल को देशभर में तहसील और जिला मुख्यालयों पर गोभक्तों द्वारा रैलियां आयोजित की गईं। इसी क्रम में जोधपुर में भी गोभक्तों ने शांतिपूर्ण तरीके से रैली निकालते हुए अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाया। रैली में शामिल लोगों ने गौवंश की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सड़कों पर घूम रही गौमाताओं के लिए सुरक्षित आश्रय और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था की आवश्यकता बताई।

इस अभियान का उद्देश्य पूरी तरह गैर-राजनीतिक बताया गया, जिसका मुख्य लक्ष्य गौवंश को संरक्षण प्रदान करना और उनकी दुर्दशा को समाप्त करना है। कार्यक्रम में संतों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

महामंडलेश्वर स्वामी कुशलगिरी महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्व स्तरीय गौ चिकित्सालय, जोधपुर के अध्यक्ष कालूराम प्रजापत अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। इस अवसर पर संत दयालपुरी महाराज, देवकिशन पूनमऋषि महाराज सहित कई संतों ने गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग को दोहराया।

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रैली में राष्ट्रीय गौरक्षा प्रमुख नरसिंह गहलोत, हनुमान सिंह खांगटा, प्रेमसिंह सोलंकी, पुष्पा गहलोत, पंकज शर्मा, भतुराम परिहार, गजेंद्र सेन, कामधेनु सेना के जोधपुर जिलाध्यक्ष राकेश सेन, दीपक सोलंकी, आनंद सिंह गहलोत, सीमा सांखला, रामचन्द्र जायसवाल, हरि प्रकाश सोलंकी, पारस सिंह गुर्जर सहित बड़ी संख्या में गोभक्त शामिल रहे।

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आयोजकों ने बताया कि यह आंदोलन तीन चरणों में चलाया जाएगा। यदि सरकार द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो आगामी चरण में गोभक्त जिला मुख्यालयों से होते हुए दिल्ली कूच करेंगे और शांतिपूर्ण संकीर्तन के माध्यम से अपनी मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे।

इस दौरान पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और शांति का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे प्रशासन और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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