जोधपुर । जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (जलग्रहण घटक) के अंतर्गत आयोजित जलग्रहण महोत्सव (15 नवम्बर – 16 दिसम्बर 2025) की श्रृंखला में सोमवार को संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास स्थित मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता संभागीय आयुक्त डॉ. प्रतिमा सिंह ने की।
कार्यशाला में जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद आशीष कुमार मिश्रा और घनश्याम ओझा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर वर्षा जल संरक्षण, भूमि संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, कृषि में नवाचार, तथा परंपरागत एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा सारगर्भित उद्बोधन प्रस्तुत किए गए। कार्यशाला में स्थानीय लाभार्थियों, प्रगतिशील किसानों, जलग्रहण समिति के पदाधिकारियों और आम जनता ने अपने अनुभव साझा किए और जलग्रहण परियोजनाओं में जनभागीदारी के सफल उदाहरण दिए।
प्रदर्शनी में जिलेवार प्रयासों की सराहना
कार्यशाला के दौरान संभाग के सभी 8 जिलों की गतिविधियों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में इफ्फको द्वारा ड्रोन से उर्वरक और कीट नियंत्रण छिड़काव तकनीक, तथा एफपीओ एग्रोनॉट द्वारा उन्नत तकनीक से सॉइल टेस्टिंग, बीज उपचार और पोषण तत्त्व प्रबंधन प्रमुख आकर्षण रहे। सिरोही और जैसलमेर के विभागीय स्टॉल को विशेष सराहना प्राप्त हुई।
उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं को सम्मान
कार्यशाला के अंतर्गत मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान, वंदे गंगा जल संखाम जन अभियान और घाटरसंव कप प्रतियोगिता में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 20 से अधिक भामाशाहों और जलग्रहण परियोजनाओं में बेहतरीन कार्य करने वाले 18 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
कार्यशाला के दौरान उपस्थित अन्य प्रमुख वक्ताओं में अतिरिक्त मुख्य अभियंता वाटरशेड भागीरथ विश्नोई, अतिरिक्त निदेशक जयपुर नरेन्द्र सिंह, डॉ. जी.आर. मटोरिया (अतिरिक्त निदेशक कृषि), रामनिवास मारूका (अतिरिक्त मुख्य अभियंता, पाली), और अन्य कई प्रतिष्ठित अधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए।
संचालन में प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यशाला में सिंचाई, कृषि और जलग्रहण क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें एस.एन. गढ़वाल (संयुक्त निदेशक कृषि), रूपेश लया (उपनिदेशक उद्यान विभाग), कोशल पालीवाल (एसई, जैसलमेर), और अशोक गोयल (एसई, फलोदी) शामिल थे।


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