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हस्तशिल्प और स्वाद का संगम बना अमृता हाट, महिलाओं के हुनर को मिल रहा नया बाजार

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जोधपुर।प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों में कार्यरत महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जोधपुर संभागीय स्तरीय दशम अमृता हाट का आयोजन 01 फरवरी से 07 फरवरी 2026 तक अरबन हाट परिसर, पाली रोड, जोधपुर में किया जा रहा है। मेले में आमजन की भारी भीड़ उमड़ रही है और महिलाओं के हस्तनिर्मित उत्पादों को खूब सराहना मिल रही है।

उपनिदेशक महिला अधिकारिता फरसाराम विश्नोई ने बताया कि अमृता हाट में राज्य के विभिन्न जिलों से आई महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की 80 से अधिक स्टॉल्स लगाई गई हैं। मेले का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनके हुनर को पहचान और बाजार देना है।

मेले में खरीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिदिन ₹500 की न्यूनतम खरीदारी पर लक्की ड्रॉ की व्यवस्था की गई है, जिसमें रोजाना तीन भाग्यशाली विजेताओं को क्रमशः ₹500, ₹300 एवं ₹200 की निःशुल्क खरीददारी करवाई जा रही है। मेले के तीसरे दिन ही ₹3,57,000/- मूल्य के उत्पादों की बिक्री दर्ज की गई, जो इसकी लोकप्रियता को दर्शाती है।

मेले के दौरान ब्लॉक सेखाला एवं बालेसर की साथिनों के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत आमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा उन्हें अमृता हाट का भ्रमण करवाया गया।

अमृता हाट में महिला स्वयं सहायता समूहों, उद्योग विभाग, राजीविका, एनयूएलएम तथा महिला आर्टिजनों द्वारा निर्मित विविध उत्पाद उपलब्ध हैं। इनमें लाख की चूड़ियां, मोजड़ी, पेपरमेशी, टेराकोटा, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, ऊनी व सूती रेडीमेड परिधान, कशीदाकारी, चिकनकारी, बंधेज, लहरियां, कोटा डोरिया की साड़ियां, बाड़मेर की अजरख प्रिंट चद्दरें, वुडन व मार्बल क्राफ्ट, सोजत की मेहंदी सहित अनेक पारंपरिक हस्तशिल्प शामिल हैं। वहीं खाद्य उत्पादों में अंथाना की मिर्ची का अचार, मुरब्बा, मसाले, पापड़-मंगोड़ी एवं सूखी सब्जियां भी लोगों को आकर्षित कर रही हैं।

कल शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थी करेंगे भ्रमण
04 फरवरी को राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, एमबीएम विश्वविद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय, सरदार पटेल पुलिस विश्वविद्यालय, सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विश्वविद्यालय तथा कॉलेज शिक्षा विभाग जोधपुर के विद्यार्थियों एवं स्टॉफ द्वारा अमृता हाट का भ्रमण किया जाएगा।

अमृता हाट न केवल हस्तशिल्प और स्वाद का संगम बन रहा है, बल्कि महिलाओं के स्वावलंबन की दिशा में एक सशक्त कदम के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है।

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