जोधपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिन के उपलक्ष में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित समाज कल्याण सप्ताह अन्तर्गत केन्द्रीय कारागृह जोधपुर के सभागार में शुक्रवार को बंदी सुधार दिवस के अवसर पर समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि उपमहानिरीक्षक जेल राकेश मोहन शर्मा ने उपस्थित बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि अपने अतीत को भूलकर वर्तमान में अपना बौद्धिक एवं कौशल विकास पर ध्यान केन्द्रित करें। आपका समाज में पुर्नस्थापना हो तब आपकी किसी पर निर्भर न होकर आत्मनिर्भर बन सके एवं अपने साथ साथ परिवार का भी भरण-पोषण कर सकें। इस अवसर पर बन्दियों द्वारा व्यावसायिक एवं शैक्षणिक कोर्स पूर्ण करने पर उनके द्वारा बन्दियों को प्रमाण पत्र प्रदान किये गये।
केन्द्रिय कारागृह अधीक्षक प्रदीप लखावत ने बन्दियों को अपने चरित्र निर्माण एवं आचरण की शुद्धता के लिए आह्वान किया।
आईआईटी जोधपुर के एन्थ्रोपोलोजी के प्रोफेसर प्रसेनजीत त्रिभुवन ने मनुष्य के विकास एवं जैविक व सांस्कृतिक विविधता, समाज में व्यवहार के विभिन्न रूपों को समझाया तथा बन्दियों को अपनी आयु के अनुसार शैक्षणिक योग्यता अभिवृद्धि करने के संबंध में विस्तार से अवगत करवाया।
प्राकृतिक चिकित्सक डॉ अजय उमराव ने बन्दियों को प्रकृति के अनुरूप जीवन जीने एवं भोजन करने बारे में बताया। प्राकृतिक चिकित्सा में बिना औषधि सेवन के बीमारीयों के उपचार के बारे में जानकारी दी।
परिवीक्षा एवं कारागृह कल्याण अधिकारी रमेश चन्द्र पंवार ने बन्दियों को को पैरोल नियमों एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर जेल उपाधीक्षक विकास, समाजसेवी सुनिल चोपड़ा, केन्द्रिय कारागृह के अधिकारी, कर्मचारी एवं सैंकड़ों बन्दीयों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन जेलर हनवन्त सिंह ने किया।


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