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राजस्थान: साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत, समाधि देने के बाद पिता पर उठे सवाल

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राजस्थान के बाड़मेर जिले में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा (23) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उनके पिता वीरमनाथ पर कई गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। बुधवार को जोधपुर के एक निजी अस्पताल में साध्वी की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जहां उनका निधन हो गया। उनकी मौत के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित सुसाइड नोट सामने आया, जिसने एक बार फिर साध्वी से जुड़े पुराने विवादों को ताजा कर दिया।

पिता ने आरोप लगाया – गलत इंजेक्शन से हुई मौत

साध्वी प्रेम बाईसा के पिता वीरमनाथ ने दावा किया कि उनकी बेटी को मामूली जुकाम था और इलाज के दौरान एक गलत इंजेक्शन दिया गया, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और वे असमय मौत का शिकार हो गईं। हालांकि, इस आरोप के बावजूद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू की, और वीरमनाथ ने इसके लिए बाद में सहमति दी।

साध्वी के सुसाइड नोट ने बढ़ाई सस्पेंस

साध्वी की मौत के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित सुसाइड नोट भी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी और को जिम्मेदार ठहराया। इस नोट में उन्होंने लिखा कि उन्होंने कई संतों को पत्र भेजकर अग्निपरीक्षा के लिए अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें अपनी मौत का कोई कारण नहीं समझ आया।

पुराने विवाद ने फिर पकड़ी तूल

साध्वी के निधन के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे अपने पिता वीरमनाथ के साथ गले मिलती दिख रही थीं। यह वीडियो कुछ समय पहले एक ब्लैकमेलिंग मामले में सामने आया था, जहां आरोप था कि एक व्यक्ति ने वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर 20 लाख रुपये की मांग की थी। साध्वी ने इस घटना के बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, और आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई थी।

भक्तों ने उठाए सवाल

साध्वी की मौत के बाद कई भक्तों ने वीरमनाथ की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि वीरमनाथ ने पोस्टमॉर्टम कराने से मना किया था और यह भी दावा किया कि उनकी बेटी के साथ कुछ छिपाया जा रहा था। भक्तों के आरोपों के बाद पुलिस ने मामले की जांच में तेजी ला दी है।

समाधि में दी गई अंतिम विदाई

साध्वी की मौत के बाद, उनके पार्थिव शरीर को बालोतरा जिले स्थित उनके पैतृक गांव परेऊ लाया गया। यहां शुक्रवार को संत परंपरा के अनुसार उन्हें समाधि दी गई। समाधि देने की प्रक्रिया में स्थानीय भक्तों की बड़ी संख्या मौजूद थी, लेकिन पूरे घटनाक्रम ने साध्वी के जीवन और मृत्यु के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामले की जांच जारी है और पुलिस हर पहलू पर ध्यान दे रही है, लेकिन साध्वी के निधन के बाद उनका परिवार और भक्तों के बीच का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।

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