जयपुर | राजस्थान ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)–2026 के कार्य में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। राज्य ने 98.78% फॉर्म डिजिटाइजेशन और 94% मतदाता मैपिंग के साथ देशभर में अव्वल स्थान हासिल किया है। इस सफलता का श्रेय राज्य सरकार की तकनीकी दक्षता, समर्पित टीम वर्क और जिला स्तर पर सतत निगरानी को जाता है।
शत प्रतिशत डिजिटाइजेशन के साथ फलोदी बना पांचवां जिला
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन के अनुसार, प्रदेश के कुल 5 करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 गणना प्रपत्रों में से 5 करोड़ 39 लाख से अधिक प्रपत्र ईसीआई-नेट पर सफलतापूर्वक अपलोड किए गए हैं। यह कार्य निर्धारित समय सीमा से पहले पूरा किया गया है। राज्य के फलोदी ने 100% डिजिटाइजेशन कार्य पूरा कर प्रदेश के पांचवें जिले के रूप में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है।
पांच विधानसभा क्षेत्रों में 99% से अधिक मतदाता मैपिंग
राजस्थान के पांच विधानसभा क्षेत्रों – लोहावट, बायतु, नगर, कपासन, सिकराय और सलूंबर में 99% से अधिक मतदाता मैपिंग का कार्य पूर्ण किया गया है। साथ ही 16 अन्य विधानसभा क्षेत्रों में यह आंकड़ा 98% से अधिक का है। इन उपलब्धियों ने राज्य को मतदान की तैयारी में एक नई ऊंचाई तक पहुंचाया है।
40,000 से अधिक पोलिंग बूथों पर कार्य पूरा, 188 बीएलओ सुपरवाइजर्स सम्मानित
प्रदेश में 40,000 से अधिक पोलिंग बूथों पर बीएलओ द्वारा 100% कार्य पूरा किया गया है, जो कि इस अभियान की सफलता का स्पष्ट संकेत है। महाजन ने बताया कि राज्य के पांच जिलों – बाड़मेर, सलूंबर, बालोतरा, झालावाड़ और फलोदी में सभी गणना प्रपत्र पूरी तरह से डिजिटाइज कर दिए गए हैं, और 48 विधानसभा क्षेत्रों में भी 100% डिजिटाइजेशन कार्य सम्पन्न हो चुका है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस उल्लेखनीय कार्य में योगदान देने वाले उत्कृष्ट बीएलओ और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को सम्मानित किया गया है। इसके अलावा, 188 बीएलओ सुपरवाइजर्स को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी कार्यक्षमता और समर्पण के साथ इस कार्य को सफलता के नए आयाम दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन सुपरवाइजर्स को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।


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