नए प्रमाण पत्र नहीं जारी होने से जताई नाराज़गी , एलिम्को की टीम की लापरवाही दिव्यांगजन पर भारी पड़ी
बावङी । ग्राम पंचायत सोयला में मंगलवार को प्रस्तावित दिव्यांगजन व वरिष्ठ नागरिक आवश्यक उपकरण चिन्हीकरण शिविर में ऐलिम्को की टीम नहीं पहुंचने से दिव्यांगजन परेशान हो गए । प्रशासन व पंचायत समिति बावडी के प्रचार प्रसार अधिकारीयो ने मंगलवार को सुबह 9 से 12 बजे तक दिव्यांग व वरिष्ठ नागरिको के लिए उपकरण देने के लिए एलिम्को शिविर लगाने व प्रचार किया कि सोयला के आसपास क्षेत्र के गांवो के लाभान्वित जन अधिक से अधिक पहुचे जिस पर अनेक दिव्यांग सुबह आठ बजे से पहुचने लगे और सुबह दस बजे तक लगभग चालीस दिव्यांग ग्राम पंचायत सोयला आ गये पर एलिम्को की टीम निधारित समय पर नही आई जिस पर दिव्यांग जनो ने ग्राम विकास अधिकारी अशोक जाखड से मिले तो उन्होने एलिम्को की टीम से मोबाइल पर बात तो बोले आ रहे है आखिर दिव्यांगजन दो बजे तक इंतजार करते करते थक गए और एलिम्को टीम को कोसते हुए अपने घरो की ओर निकल गए। दिव्यांगजनों के साथ लिए ग्रामीणों ने बताया कि 40 किलोमीटर तक का सफर तय कर निजी वाहनों से पहुंचे कई लाभार्थियों को शिविर स्थल पर कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन अधिकारी नहीं आने से निराश होकर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा इस दौरान अधिकारियों के नहीं पहुंचने की समस्या को लेकर दिव्यांगजन एवं उनके परिजनों ने बताया कि बरसात के मौसम में खेती-बाड़ी का काम छोड़कर वे शिविर में नए प्रमाण पत्र व उपकरणों के लिए पहुंचे थे, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से उन्हें कोई सहायता नहीं मिल सकी। इस दौरान
धनारी गांव के दिव्यांग रामाराम, जो बोलने में असमर्थ हैं लेकिन इशारों-इशारों में बताया कि वे सुबह से बैठे हैं और थक चुके हैं। वहीं हतुंडी गांव के दीपाराम, धनारी के नाथूराम व कजनऊ गांव के देवाराम ढाका ने बताया कि वे सभी सायला में कैंप की जानकारी होने पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचे थे, परंतु कोई अधिकारी मौजूद नहीं होने से निराश होकर वापस लौटना पड़ा।


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