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“बिराई के चाचा” नहीं रहे: शिक्षक हनुमान राम सुथार का निधन, गांव में शोक की लहर

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बावड़ी (जोधपुर)। उपखंड क्षेत्र के बिराई गांव में “बिराई के चाचा” के नाम से प्रसिद्ध शिक्षक हनुमान राम सुथार अब इस दुनिया में नहीं रहे। मंगलवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बावड़ी सीएचसी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन से पूरे गांव में गहरा शोक छा गया।


📌 जीवन परिचय और सेवाएं

हनुमान राम सुथार का जन्म 20 अगस्त 1965 को बिराई गांव में हुआ था। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने 3 अक्टूबर 2008 को शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं शुरू कीं। लंबे समय तक विद्यार्थियों को शिक्षित करने के बाद वे 31 अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त हुए।

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❤️ बच्चों के प्रिय “चाचा”

ग्रामीण ओम प्रकाश सांई के अनुसार, सुथार का स्वभाव बेहद मिलनसार और हंसमुख था। वे बच्चों से बहुत स्नेह रखते थे—ठीक वैसे ही जैसे Jawaharlal Nehru बच्चों से प्रेम करते थे। इसी कारण पूरे गांव में वे “चाचा” के नाम से लोकप्रिय हो गए थे।


🤝 समाजसेवा में अग्रणी

हनुमान राम सुथार हमेशा जरूरतमंदों और गरीबों की मदद के लिए तत्पर रहते थे। उनका व्यवहार इतना सरल और अपनापन भरा था कि हर वर्ग के लोग उनसे जुड़ाव महसूस करते थे।

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🔥 अंतिम विदाई

मंगलवार को उनके पैतृक गांव बिराई में पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र जितेंद्र सुथार ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और सभी ने नम आंखों से अपने प्रिय “गांव के चाचा” को अंतिम विदाई दी।

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