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भागवत कथा के तृतीय दिवस भरत चरित्र का हुआ भावपूर्ण वर्णन, संत गणेशराम महाराज ने दिए गोहित के संदेश

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जोधपुर। विश्व स्तरीय गो चिकित्सालय ग्राम रलावास, जोधपुर के अध्यक्ष कालूराम प्रजापत ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के अवसर पर महिला मंडल, जोधपुर की ओर से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर प्रसिद्ध कथा वाचिका सुशीला व्यास ने भरत चरित्र का मार्मिक वर्णन किया।blank

कथा के दौरान उन्होंने बताया कि मनुष्य जीवन के अंतिम समय में जिस वस्तु या जीव में अपना मन लगा देता है, अगले जन्म में उसी योनि की प्राप्ति होती है। उन्होंने जड़ भरत का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि वे मृग के बच्चे के प्रति इतने आसक्त हो गए कि अपने दैनिक कर्म छोड़कर उसी में लीन रहने लगे, जिसके कारण उन्हें अगले जन्म में मृग योनि प्राप्त हुई।

कथा वाचिका ने कहा कि मनुष्य का जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसी जीवन में सत्कर्मों के माध्यम से श्रेष्ठ गति प्राप्त की जा सकती है। कथा पांडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्तिमय वातावरण में कथा का रसपान किया।

इस अवसर पर  संत गणेशराम महाराज का सानिध्य भी प्राप्त हुआ। उन्होंने गोहितार्थ प्रवचन देते हुए गौ सेवा और धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला।

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