जोधपुर।राजस्थान में “सफेद जहर” के खिलाफ जारी अभियान के तहत एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और जोधपुर पुलिस ने 48 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए शहर की एक पॉश सोसाइटी में चल रही ड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की एमडी ड्रग, नशीली गोलियां और उच्च श्रेणी के केमिकल बरामद किए गए हैं।
🔎 पॉश सोसाइटी में छिपी थी नशे की फैक्ट्री
जोधपुर की आशापूर्णा प्लेटिनम सोसाइटी के फ्लैट नंबर A-803 में चल रही इस अवैध फैक्ट्री का खुलासा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर किया। दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर टीम को एक बैग में भारी मात्रा में ड्रग्स और केमिकल्स मिले, जो किसी मिनी ड्रग लैब से कम नहीं थे।
⚗️ तैयार ड्रग्स से भी ज्यादा खतरनाक कच्चा माल
एफएसएल और एनसीबी की जांच में सामने आया कि बरामद सामग्री में मेफेड्रोन (MD) के साथ बेहद हाई-ग्रेड केमिकल शामिल थे:
- 1.544 किलो एमडी और प्रीमियम केमिकल
- 366 ग्राम शुद्ध एमडी
- 1.178 किलो हाई-क्वालिटी संदिग्ध केमिकल (तैयार ड्रग से भी ज्यादा खतरनाक)
- 2000+ नशीली गोलियां (3.663 किलो)
- फैक्ट्री उपकरण
- इलेक्ट्रॉनिक कांटा, पैकेजिंग टेप, अहम दस्तावेज
🧠 ऐसे टूटा सिंडिकेट का राज
पूरे ऑपरेशन की योजना एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में तैयार की गई। एसपी ज्ञानचंद यादव और एएसपी नरोत्तम वर्मा के सुपरविजन में टीम ने कार्रवाई की।
इससे पहले 2 अप्रैल को बनाड़ क्षेत्र में गणपतराम विश्नोई को गिरफ्तार कर उसके घर की छत पर चल रही फैक्ट्री से 3 किलो एमडी और 55 किलो केमिकल बरामद किया गया था।
पूछताछ में गणपतराम ने खुलासा किया कि वह केवल मोहरा है, जबकि असली मास्टरमाइंड भरत विश्नोई उर्फ आसुराम उर्फ लक्की है, जो अपनी पहचान छुपाकर पॉश सोसाइटी में रहकर ड्रग्स तैयार कर रहा था।

😢 कर्ज के जाल में फंसा आरोपी
गणपतराम ने पुलिस को बताया कि भारी कर्ज और आर्थिक तंगी के चलते वह इस अवैध धंधे में फंस गया। मास्टरमाइंड ने उसे कर्ज चुकाने का लालच देकर इस नेटवर्क में शामिल किया।
🚔 पुलिस की बड़ी सफलता, नेटवर्क पर चोट
इस कार्रवाई से:
- 5 किलो से ज्यादा नशीले पदार्थ बाजार में जाने से रोके गए
- जोधपुर में सक्रिय एक बड़े ड्रग नेटवर्क की कमर टूट गई
- मुख्य आरोपी भरत विश्नोई अभी फरार, तलाश जारी
निष्कर्ष
जोधपुर में लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने साफ कर दिया है कि पुलिस अब ड्रग्स माफिया के खिलाफ आक्रामक मोड में है। पॉश इलाकों में छिपकर चल रहे ऐसे सिंडिकेट्स का खुलासा आने वाले दिनों में और भी बड़े नेटवर्क को बेनकाब कर सकता है।


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