सोना और चांदी की कीमतों में हफ्ते की शुरुआत के साथ ही बड़ी गिरावट देखने को मिली है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना करीब ₹9,050 टूटकर ₹1.43 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी ₹10,500 सस्ती होकर ₹2.30 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इस भारी गिरावट ने निवेशकों के बीच हलचल मचा दी है और अब आगे के रुझान को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

सोना-चांदी में कितनी आई गिरावट?
All India Bullion and Jewellers Association के अनुसार:
- 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹1,52,650 से गिरकर ₹1,43,600 प्रति 10 ग्राम पर आ गया
- यानी सोने में करीब 6% की गिरावट दर्ज की गई
- चांदी ₹2,40,500 से गिरकर ₹2,30,000 प्रति किलो हो गई,इसमें करीब 4.36% की कमी देखी गई
चार महीने के निचले स्तर पर सोना

विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सोने-चांदी के दाम दबाव में हैं।
Yogesh Singhal के मुताबिक:
- डॉलर की मजबूती ने सोने की कीमतों को नीचे धकेला
- मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से डॉलर की मांग बढ़ी
- कच्चे तेल के दाम बढ़ने से महंगाई का दबाव बना
इन्हीं कारणों से सोना चार महीने के निचले स्तर तक पहुंच गया है।
गिरावट के पीछे क्या हैं बड़े कारण?
- अमेरिकी डॉलर मजबूत होना
- मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव
- कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
- वैश्विक महंगाई का दबाव
Saumil Gandhi (HDFC सिक्योरिटीज) के अनुसार, इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर सोने की कीमतों को नीचे लाने में अहम भूमिका निभाई है।

आगे क्या होगा? एक्सपर्ट्स का अनुमान
- एक्सपर्ट्स के मुताबिक गिरावट अभी थमने वाली नहीं है।
- सोना गिरकर ₹1.12 लाख से ₹1.15 लाख प्रति 10 ग्राम तक आ सकता है
- चांदी के दाम ₹1.80 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकते हैं
हालांकि, यह गिरावट निवेशकों के लिए एक मौका भी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च के अंत के बाद सोना-चांदी में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
निवेशकों के लिए सलाह
- गिरावट के समय निवेश के अच्छे अवसर बनते हैं
- लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह सही समय हो सकता है
- बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए रखना जरूरी है

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