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MSME Credit Guarantee Scheme: सरकार का बड़ा फैसला, योजना में संशोधन से नए सेक्टर्स को मिलेगा लाभ

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केंद्र सरकार ने MSME सेक्टर को मजबूत करने के लिए म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना में अहम बदलाव किए हैं। वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस संशोधन का उद्देश्य छोटे और मझोले उद्योगों, खासकर निर्माताओं और निर्यातकों को अधिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था के तहत चौथे वर्ष के बाद 5% अग्रिम योगदान की अनुमति दी गई है, जिससे उद्यमियों को राहत मिलेगी।

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क्या है नया बदलाव?

संशोधित MSME म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:

  • चौथे वर्ष के बाद 5% अग्रिम योगदान की अनुमति
  • सेवा क्षेत्र (Service Sector) को भी योजना में शामिल किया गया
  • उपकरण/मशीनरी लागत की सीमा 75% से घटाकर 60% की गई
  • क्रेडिट गारंटी की अवधि अब 10 वर्ष तय की गई

यह संशोधित योजना 24 फरवरी 2026 से लागू हो चुकी है और इसे नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (NCGTC) द्वारा संचालित किया जा रहा है।

किन सेक्टर्स को मिलेगा फायदा?

इस योजना के तहत अब:

  • मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स
  • एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड बिजनेस
  • सर्विस सेक्टर से जुड़े उद्यम

सभी को लाभ मिलेगा, जिससे MSME इकोसिस्टम को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पात्रता (Eligibility Criteria)

  • योजना का लाभ लेने के लिए निम्न शर्तें जरूरी हैं:
  • यूनिट लाभ में होनी चाहिए
  • पिछले 3 वित्तीय वर्षों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 25% बिक्री निर्यात से हो
  • निर्यात प्राप्ति से संबंधित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य

लोन और गारंटी से जुड़ी जानकारी

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  • अधिकतम गारंटीकृत ऋण राशि: ₹20 करोड़
  • अग्रिम योगदान: ऋण राशि का 2% (अधिकतम ₹40 लाख)
  • इसमें चौथे और पांचवें वर्ष में 1% वापसी योग्य राशि शामिल

MSME सेक्टर को कैसे होगा फायदा?

इस संशोधन से MSME सेक्टर को:

  • आसान लोन उपलब्ध होगा
  • एक्सपोर्ट बढ़ाने में मदद मिलेगी
  • नए और छोटे व्यवसायों को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी

निष्कर्ष

सरकार का यह कदम MSME सेक्टर के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है। नई क्रेडिट गारंटी व्यवस्था से छोटे उद्योगों को वित्तीय मजबूती मिलेगी और देश के निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।

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