India Semiconductor Mission: 3 नई यूनिट्स को मंजूरी, भारत बनेगा चिप मैन्युफैक्चरिंग हब
सेमीकंडक्टर्स की डिमांड तेजी से बढ़ी है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग करने से वाली कंपनियों की संख्या कम होने से डिमांड को पूरा करने में मुश्किल हो रही है।

Semiconductor Industry in India: भारत सरकार ने सेमीकंडक्टर सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने देश में तीन नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स लगाने को मंजूरी दे दी है। इससे न सिर्फ टेक्नोलॉजी सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिलेगा, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
क्यों बढ़ रही है सेमीकंडक्टर्स की मांग?
पिछले कुछ वर्षों में दुनियाभर में सेमीकंडक्टर्स की मांग तेजी से बढ़ी है। स्मार्टफोन, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और AI जैसी टेक्नोलॉजी में चिप्स की जरूरत लगातार बढ़ रही है।
हालांकि, सीमित मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के कारण सप्लाई में कमी देखी जा रही है। ऐसे में भारत का यह कदम वैश्विक सप्लाई चेन में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
1.26 लाख करोड़ का निवेश, बड़े स्तर पर उत्पादन

कम्युनिकेशंस और IT मंत्री Ashwini Vaishnaw के अनुसार, इन तीनों यूनिट्स में कुल ₹1.26 लाख करोड़ का निवेश किया जाएगा।
- हर महीने लगभग 50,000 वेफर्स का उत्पादन
- सालाना करीब 300 करोड़ चिप्स का निर्माण
भारत को ग्लोबल चिप मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम
कहां लगेंगी सेमीकंडक्टर यूनिट्स?
पहली यूनिट: Tata Group और पावरचिप (ताइवान) के सहयोग से
- लोकेशन: Dholera
- दूसरी यूनिट: पूर्वोत्तर भारत में
- लोकेशन: Assam
इन यूनिट्स का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
रोजगार के बड़े अवसर

इन प्रोजेक्ट्स से रोजगार के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आएगा:
- लगभग 20,000 डायरेक्ट टेक्नोलॉजी जॉब्स
- करीब 60,000 इनडायरेक्ट रोजगार
- यानी कुल मिलाकर 80,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम होगा मजबूत
मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया कि इन यूनिट्स के जरिए देश में पूरा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा।
भारत पहले से ही चिप डिजाइनिंग में मजबूत है, और अब इन फैसिलिटीज के जरिए चिप फैब्रिकेशन में भी आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
Micron और Tata Projects की बड़ी भूमिका
अमेरिकी कंपनी Micron Technology भी भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने की तैयारी में है।
- प्लांट लोकेशन: Sanand
- क्षेत्रफल: 93 एकड़
- निर्माण कार्य: Tata Projects द्वारा
यह प्रोजेक्ट भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर को और मजबूत बनाएगा।
सरकार की इंसेंटिव स्कीम
पिछले साल केंद्र सरकार ने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बड़ी घोषणा की थी:
- मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने पर 50% तक वित्तीय सहायता
- कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करने की योजना
प्रधानमंत्री का विजन

Narendra Modi ने सेमीकंडक्टर सेक्टर को भारत के भविष्य के लिए अहम बताया है।
300 कॉलेजों में सेमीकंडक्टर डिजाइन कोर्स शुरू करने की योजना
चौथी औद्योगिक क्रांति में भारत की बड़ी भूमिका का लक्ष्य
Reliance भी कर सकती है एंट्री
Reliance Industries भी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उतरने की योजना बना रही है। कंपनी विदेशी चिपमेकर्स के साथ टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप पर बातचीत कर रही है, हालांकि अंतिम फैसला अभी बाकी है।


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