ग्लोबल मार्केट में बन रहे हालातों का असर अब सोना और चांदी की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, इस गिरावट के बीच ज्वेलरी बाजार में ग्राहकों की भीड़ तेजी से बढ़ती नजर आ रही है।

आज के ताजा भाव (Gold-Silver Price Today)
20 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX पर सोने की कीमत करीब $72.615 प्रति औंस और चांदी का भाव $4,654.10 प्रति औंस के आसपास ट्रेड करता दिखा।
वहीं, घरेलू वायदा बाजार MCX पर एक दिन पहले सोने का भाव ₹1,45,119 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि चांदी में 6.69% की भारी गिरावट के बाद इसका रेट ₹2,31,589 प्रति किलोग्राम पर आ गया।
क्यों बढ़ रहा है सोना-चांदी पर दबाव?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई बड़े वैश्विक कारण हैं:
मिडिल ईस्ट में तनाव:
Iran और Israel के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल:
युद्ध के कारण सप्लाई प्रभावित होने की आशंका से तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे निवेशकों का रुझान बदल रहा है।
डॉलर की मजबूती:
मजबूत डॉलर के कारण अन्य करेंसी कमजोर होती हैं, जिससे सोने-चांदी जैसे कमोडिटी पर दबाव आता है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्ती:
ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।
इन सभी कारणों के चलते निवेशक फिलहाल कैश और अन्य सुरक्षित विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सर्राफा बाजार में बढ़ी ग्राहकों की भीड़
दिलचस्प बात यह है कि कीमतों में गिरावट के बावजूद ज्वेलरी बाजार में रौनक बढ़ गई है। सर्राफा व्यापारियों के अनुसार, जैसे ही सोने-चांदी के दाम नीचे आए, ग्राहकों की संख्या में इजाफा देखने को मिला।
शादी के सीजन को देखते हुए लोग इस मौके का फायदा उठाकर खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि, निवेशक अभी भी सतर्क हैं और बड़े निवेश से बच रहे हैं क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

मिडिल ईस्ट तनाव का असर
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब 21वें दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच 28 फरवरी से शुरू हुआ तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
इस संघर्ष के चलते Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे तेल की सप्लाई पर खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा, ऊर्जा संयंत्रों पर हमलों की खबरों ने भी वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है।
तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर इंडेक्स की मजबूती का सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है।
आगे क्या रह सकती है चाल?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सोने और चांदी में जो गिरावट देखी जा रही है, वह अस्थायी हो सकती है। अगर भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है, तो निवेशक फिर से सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर लौट सकते हैं, जिससे कीमतों में तेजी आ सकती है।

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