भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 19 जनवरी को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कमजोर ग्लोबल संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के चलते बाजार में घबराहट भरी बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में BSE Sensex 2,496.89 अंक यानी 3.26% गिरकर 74,207.24 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 775.65 अंक टूटकर 23,002.15 के स्तर पर आ गया।

हर सेक्टर में दिखी भारी बिकवाली
आज बाजार में चौतरफा गिरावट देखने को मिली। Nifty 50 के सभी 16 सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर पर रहा, जहां करीब 3% की गिरावट दर्ज की गई।
इस गिरावट में HDFC Bank का बड़ा योगदान रहा। बैंक के शेयरों में तेज बिकवाली ने पूरे बैंकिंग सेक्टर को नीचे खींच लिया। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी रही। निफ्टी मिडकैप100 और स्मॉलकैप100 इंडेक्स करीब 2-2% गिर गए।
कच्चे तेल की कीमतें बनी बड़ी वजह
इस बड़ी गिरावट के पीछे सबसे अहम कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude की कीमतें फिर से 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों के कारण सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिससे तेल की कीमतों में तेजी आई। भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए यह स्थिति बाजार पर नकारात्मक असर डालती है।

ग्लोबल संकेत भी रहे कमजोर
विदेशी बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा। निवेशकों के बीच जोखिम से बचने (Risk-Off) का रुख साफ नजर आया। इसके अलावा, पिछले तीन दिनों से जारी बाजार की तेजी पर भी आज ब्रेक लग गया।
निवेशकों के ₹11.62 लाख करोड़ डूबे
इस भारी गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में बड़ा नुकसान हुआ। Bombay Stock Exchange (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 427.38 लाख करोड़ रुपये पर आ गया, जो पिछले कारोबारी दिन 439.00 लाख करोड़ रुपये था।

इस तरह एक ही दिन में निवेशकों की संपत्ति करीब ₹11.62 लाख करोड़ घट गई। यह गिरावट बाजार की गंभीर स्थिति को दर्शाती है।
सेंसेक्स के सभी 30 शेयर गिरे
आज की गिरावट का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि BSE Sensex में शामिल सभी 30 के 30 शेयर लाल निशान में बंद हुए।
सबसे ज्यादा गिरावट इटरनल (Eternal) के शेयर में देखी गई, जो 5.65% तक टूट गया। इसके अलावा Bajaj Finance, HDFC Bank, Mahindra & Mahindra और Larsen & Toubro के शेयरों में 4.72% से 5.42% तक की गिरावट दर्ज की गई।

निष्कर्ष
कुल मिलाकर, गुरुवार का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, ग्लोबल अनिश्चितता और बिकवाली के दबाव ने बाजार को झकझोर कर रख दिया।
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय हालात, तेल की कीमतों और निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगी। फिलहाल, बाजार में सतर्कता बरतना और सोच-समझकर निवेश करना ही बेहतर रणनीति मानी जा रही है।

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