बिलाड़ा। पुलिस थाना बिलाड़ा एवं जोधपुर ग्रामीण की डीएसटी टीम ने 12 घंटे में कैलाश माली हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है। इस जघन्य हत्या में शामिल दो आरोपियों, भींयाराम और मनोहर सीरवी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना का विवरण
10 जनवरी 2026 को चंद्राराम ने पुलिस को सूचना दी कि उनका पोता कैलाश माली पिछले तीन वर्षों से उचियारड़ा के आगलेचो के गौरवा में गोविन्द सीरवी के मकान में किराये पर रहकर चांदी घड़ाई का काम करता था। 9 जनवरी 2026 को कैलाश से संपर्क करने के बाद, चंद्राराम और गंगाराम ने कैलाश के मकान का दरवाजा बंद पाया और खिड़की से अंदर झांका तो कैलाश की खून से सनी हुई लाश पाई। मौके से चांदी और आभूषण गायब थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की।
पुलिस कार्रवाई
जोधपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्यवाही के निर्देश दिए। एएसपी भोपाल सिंह लखावत और अन्य पुलिस अधिकारियों की निगरानी में एफएसएल और एमओबी टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। डीएसटी के हेड कांस्टेबल हरेन्द्र लोहरा की सूझबूझ से सूचना मिली कि इस हत्याकांड में भींयाराम और मनोहर सीरवी शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या और लूट की योजना का खुलासा किया।
गिरफ्तारी
पूछताछ के बाद, पुलिस ने भींयाराम और मनोहर सीरवी को गिरफ्तार किया। दोनों ने 7 जनवरी 2026 को कैलाश माली को शराब पार्टी के दौरान उसकी हत्या कर लूट की योजना के तहत मार डाला था। इस मामले में एक अन्य आरोपी गोपाल सीरवी भी शामिल है, जो घटना के बाद पुणे भागने की योजना बना रहा था। उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने एक टीम पुणे भेजी है।
आरोपी
- भींयाराम पुत्र बालूराम सीरवी, निवासी राठौड़ा का बेरा, उचियारड़ा, थाना बिलाड़ा
- मनोहर पुत्र मंगलाराम सीरवी, निवासी बर्फो का खारचिया बेरा, उचियारड़ा, थाना बिलाड़ा
पुलिस टीम का योगदान
इस महत्वपूर्ण खुलासे में पुलिस टीम की भूमिका अहम रही। विशेष रूप से, पुलिस थाना बिलाड़ा और जिला विशेष टीम के अधिकारी और कर्मचारी, जिन्होंने अपने समर्पण और मेहनत से इस मामले को सुलझाया। जिला पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस ने टीम के सभी सदस्यों को पुरस्कृत करने का ऐलान किया है।


Leave a Reply