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25 वर्ष बाद हुआ सहमति से बँटवारा, ग्रामीण सेवा शिविर में एक ही दिन में निपटा, वर्षों पुराना विवाद

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जोधपुर। राज्य सरकार द्वारा संचालित ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों के लम्बे समय से लंबित राजस्व कार्य अब तेजी से निपट रहे हैं। इसी क्रम में उपखण्ड शेरगढ़ की ग्राम पंचायत भाण्डूजाटी में आयोजित शिविर में बुधवार को 25 वर्षों से लंबित भूमि विभाजन का मामला आपसी सहमति से सुलझ गया।

ग्राम भाण्डूजाटी के सहखातेदार फत्ताराम, धापूदेवी, बभूताराम एवं हेमन्त कुमार (जाति जाट) ने बताया कि उन्हें शिविर की जानकारी मिलने पर वे सभी उपखण्ड शेरगढ़ द्वारा आयोजित शिविर में पहुँचे। उन्होंने तहसीलदार दिनेशचन्द को आपसी सहमति से विभाजन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। तहसीलदार ने तुरंत हल्का पटवारी मूलाराम को बँटवारा प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

पटवारी द्वारा सभी खातेदारों की सहमति अनुसार बँटवारा प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किया गया, जिसे तहसीलदार ने संबंधित दस्तावेजों से मिलान कर स्वीकार कर लिया। इस प्रकार 25 वर्षों से लंबित सहखातेदारों की संयुक्त भूमि का बँटवारा एक ही दिन में संपन्न हुआ।

सहखातेदारों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्य वर्षों से अटका हुआ था, परंतु राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर ने हमें एक ही मंच पर लाकर समाधान दिला दिया। उन्होंने राज्य सरकार तथा उपखण्ड प्रशासन शेरगढ़ का हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया और कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीणों के लिए वास्तव में वरदान साबित हो रहे हैं।

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