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संभागीय आयुक्त ने जोधपुर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था का किया गहन निरीक्षण

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काजरी ट्रांसफर स्टेशन को मैकेनाइज्ड करने की दिशा में बड़ा कदम

जोधपुर । संभागीय आयुक्त एवं नगर निगम जोधपुर की प्रशासक डॉ. प्रतिभा सिंह ने शनिवार को नगर निगम द्वारा संचालित घर-घर कचरा संग्रहण एवं निस्तारण की व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने कचरा संग्रहण, ट्रांसफर और निस्तारण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी, सुरक्षित एवं आधुनिक बनाने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।

डॉ. सिंह ने स्वच्छता प्रबंधन को शहर की प्राथमिक बुनियादी सेवा बताते हुए इसके सतत सुधार पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कचरा संग्रहण से लेकर केरू वेस्ट मैनेजमेंट साइट तक की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया।

कचरा परिवहन में सुधार के लिए उठाया गया कदम

अधिकारियों ने संभागीय आयुक्त को जानकारी दी कि वर्तमान में कचरा ऑटो-टीपर के माध्यम से घर-घर से संग्रहित कर काजरी ट्रांसफर स्टेशन तक पहुँचाया जाता है। वहां से डम्पर के द्वारा कचरा केरू वेस्ट मैनेजमेंट साइट पर भेजा जाता है। हालांकि, डम्पर के माध्यम से कचरा परिवहन करते समय सड़क पर कचरे का फैलाव हो जाता है, जिससे पर्यावरणीय प्रदूषण और सार्वजनिक असुविधा होती है।

इस समस्या का समाधान करते हुए नगर निगम ने काजरी ट्रांसफर स्टेशन को मैकेनाइज्ड बनाने का निर्णय लिया है, जिससे कचरा परिवहन अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और प्रदूषणमुक्त होगा।

मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन: एक नया आयाम

इस परियोजना के तहत काजरी ट्रांसफर स्टेशन को 180 टन प्रतिदिन क्षमता के मैकेनाइज्ड ट्रांसफर सिस्टम से लैस किया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कार्यादेश जारी किया जा चुका है, और तीन वर्षों तक इसके संचालन और संधारण का जिम्मा भी तय किया गया है।

नए मैकेनाइज्ड सिस्टम के तहत कचरा बंद कंटेनरों में परिवहन किया जाएगा, जिनकी क्षमता प्रति ट्रिप लगभग 20 क्यूबिक मीटर होगी। इससे कचरे का सड़क पर फैलाव, दुर्गंध, प्रदूषण और परिवहन के समय में कमी आएगी। इसके अलावा, कचरा परिवहन में लागत में भी उल्लेखनीय बचत होगी।

समयबद्ध कार्यान्वयन और गुणवत्ता पर जोर

संभागीय आयुक्त डॉ. प्रतिभा सिंह ने कचरा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक आधुनिक बनाने की पहल की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों से निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि मशीनरी की कार्यक्षमता और गुणवत्ता मानकों का पालन किया जाए। साथ ही, कंटेनर परिवहन प्रणाली को पूरी तरह से लीकेज-प्रूफ और सुरक्षित बनाया जाए।

डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि केरू वेस्ट मैनेजमेंट साइट पर कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया का नियमित निरीक्षण किया जाए, ताकि आम जनता को स्वच्छ और संक्रमण-मुक्त वातावरण उपलब्ध हो सके।

इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता सम्पत मेघवाल, अधीक्षण अभियंता संजय माथुर और अधिशासी अभियंता प्रवीन गहलोत भी उपस्थित थे, जिन्होंने परियोजना की तकनीकी प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना पर संभागीय आयुक्त को अवगत कराया।

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