वंचितों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम
जोधपुर।भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में “जनजातीय गौरव वर्ष” के तहत जोधपुर जिले में 1 नवम्बर से 15 नवम्बर तक विविध गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। राज्य सरकार के जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, जयपुर द्वारा राज्य स्तरीय कार्यक्रमों के अंतर्गत वित्तीय समावेशन एवं सामाजिक सुरक्षा शिविरों का आयोजन जोधपुर की सभी पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतों में स्थित ई-मित्र केंद्रों पर किया गया।
बैंकिंग समावेशन की दिशा में बड़ा कदम
भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी संतृप्ति अभियान के तहत रविवार, 2 नवम्बर को आयोजित इन शिविरों में वित्तीय समावेशन से संबंधित अनेक कार्य संपादित किए गए। इनमें प्रधानमंत्री जनधन खाता योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) के अंतर्गत नए नामांकन एवं निष्क्रिय खातों का पुनः सत्यापन किया गया।
साथ ही, पीएमजेजेबीवाई एवं पीएमएसबीवाई योजनाओं के अंतर्गत लंबित दावों का वितरण और प्रधानमंत्री जनधन खातों सहित अन्य बैंक खातों में उत्तराधिकारी (Nominee) नामित करने के कार्य भी किए गए।
एक दिन में 7967 लाभार्थी, रिकॉर्ड उपलब्धि
जोधपुर जिले की ग्राम पंचायतों में संचालित इन ई-मित्र केंद्र आधारित शिविरों में रविवार को उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त हुए। एक ही दिन में कुल 1219 नए प्रधानमंत्री जनधन खाते खोले गए, 1366 नागरिकों का प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) में नामांकन हुआ, और अटल पेंशन योजना (APY) के अंतर्गत 213 नए सदस्य जुड़े। इसके साथ ही प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) के 876 तथा अन्य खातों के 1396 री-केवाईसी (Re-KYC) कार्य पूरे किए गए। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के 4-4 दावे वितरित किए गए। इन सभी गतिविधियों के माध्यम से कुल 7967 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रूप से योजनाओं का लाभ प्राप्त हुआ, जो जिले में वित्तीय समावेशन की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
इन शिविरों का उद्देश्य समाज के अंतिम छोर तक वित्तीय सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति बैंकिंग प्रणाली से जुड़ सके और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इस अभियान ने ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को नया आयाम दिया है।
जनजातीय गौरव वर्ष के तहत आयोजित ये शिविर भगवान बिरसा मुंडा के समर्पण, संघर्ष और स्वाभिमान के संदेश को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार के उस संकल्प को साकार कर रहे हैं जिसमें हर नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।


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