जोधपुर । राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा बाल वाहिनियों के खतरनाक संचालन के खिलाफ जारी निर्देशों के पालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जोधपुर महानगर द्वारा सोमवार को औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। यह निरीक्षण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश रामावत के नेतृत्व में हुआ, जिसमें परिवहन निरीक्षक महेन्द्र चोधरी और यातायात विभाग की टीम भी शामिल थी।
इस अभियान के दौरान जोधपुर के विभिन्न स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में संचालित बाल वाहिनियों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई। जांच में वाहनों के रंग, सुरक्षा ग्रिल, पहचान विवरण, आपातकालीन निकास, प्राथमिक चिकित्सा पेटी, अग्निशामक यंत्र, ड्राइवर के दस्तावेज और फिटनेस परीक्षण दस्तावेजों की सघन जांच की गई।
इसके परिणामस्वरूप 09 बाल वाहिनियों के चालान किए गए, जबकि 02 वाहनों को तत्काल सीज कर दिया गया। यह कदम बालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी: एमएसीटी मामलों का निस्तारण
इस बीच, 21 दिसंबर को आयोजित होने वाली वर्ष 2025 की चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश रामावत द्वारा इंश्योरेंस कंपनियों के अधिकारियों और अधिवक्ताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एमएसीटी प्रकरणों के अधिक से अधिक निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।


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