जोधपुर । जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने सोमवार को नगर निगम बैठक सभागार में आयोजित एक दिवसीय शिविर में जनगणना-2027 की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले की प्रशासनिक इकाइयों की सूची एवं नक्शों के सत्यापन के लिए आयोजित शिविर में अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जनगणना कार्य को राष्ट्रहित से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व बताया और इसकी तैयारी को गंभीरता से करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जनगणना के दो चरण:
- प्रथम चरण: मई से जून 2026 तक एक माह में मकान सूचीकरण एवं आवास गणना।
- द्वितीय चरण: फरवरी-मार्च 2027 में जनसंख्या गणना।
प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं व नक्शों का सत्यापन:
जनगणना से पहले वर्ष 2011 के बाद गठित सभी प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं एवं नक्शों का राज्य सरकार की अधिसूचनाओं के अनुसार मिलान किया गया। जिला कलक्टर ने नगर निगम आयुक्त, जनगणना अधिकारियों, उपखंड अधिकारियों, तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारियों को ‘जनगणना सेल’ के गठन के निर्देश दिए।
डिजिटल व पेपरलेस जनगणना:
जनगणना-2027 पूर्णतः डिजिटल और पेपरलेस होगी। डेटा संकलन के लिए कागजी अनुसूचियों के बजाय मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया तेज, सटीक और पारदर्शी होगी। अधिकारियों को तकनीकी तैयारी और फील्ड-लेवल प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित जनगणना सुनिश्चित करने के लिए सभी स्तरों पर सतर्कता बरती जाएगी और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संपादित किया जाएगा।


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