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पिपलिया बेरा में अतिक्रमण व खेजड़ी वृक्षों की कटाई के विरोध में ग्रामीणों ने की कार्यवाही की मांग

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बावड़ी । ग्राम पंचायत डांवरा के पिपलिया बेरा में अतिक्रमण और सार्वजनिक कटाणी रास्ते के अवरुद्ध होने के मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों ने उपखण्ड अधिकारी, बावड़ी को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार, पिपलिया बेरा गांव का पारंपरिक और सार्वजनिक बेरा है, जिस पर भंवर सिंह पुत्र कान सिंह ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। इसके साथ ही, खसरा नंबर में स्थित सार्वजनिक कटाणी रास्ते को पिछले 20 वर्षों से बंद कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन और पशुपालन में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

हाल ही में, भंवर सिंह ने इस भूमि को सौर ऊर्जा प्लांट हेतु लीज पर देने का प्रयास किया, और इस दौरान पिपलिया बेरा में स्थित 500 से 600 साल पुराने करीब 100 खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई कर दी गई। इससे पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ है और ग्रामीणों की धार्मिक एवं सामाजिक भावनाएं आहत हुई हैं।

इस घटना की जानकारी मिलने के बाद, 8 फरवरी को ग्रामवासी और पर्यावरण प्रेमी एकत्र हुए और विरोध दर्ज कराया। इस दौरान पटवारी, तहसीलदार और थानाधिकारी मौके पर पहुंचे और बंद रास्ते को खोला, लेकिन अतिक्रमी ने दो दिन बाद फिर से रास्ता बंद कर दिया।

ग्रामीणों ने प्रशासन से पिपलिया बेरा में हुए अतिक्रमण की निष्पक्ष जांच करने और तत्काल अतिक्रमण हटाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने सार्वजनिक कटाणी रास्ते को स्थायी रूप से खुलवाने, उसे ग्रेवल डालकर आवागमन योग्य बनाने और खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई करने वालों के खिलाफ पर्यावरण एवं वन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे जनआंदोलन करने पर विवश होंगे।

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