भारतीय निवेशकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने अपनी हालिया बोर्ड बैठक में म्यूचुअल फंड के एग्जिट लोड को घटाने का फैसला लिया है। अब एग्जिट लोड की अधिकतम सीमा 5% से घटाकर 3% कर दी गई है, जिससे SIP और म्यूचुअल फंड निवेशकों को सीधा फायदा मिलेगा।

एग्जिट लोड घटने से निवेशकों को क्या फायदा?
अब तक म्यूचुअल फंड कंपनियां अलग-अलग स्कीम्स पर अधिकतम 5% तक एग्जिट लोड वसूल सकती थीं। नए नियम के बाद:
- अधिकतम एग्जिट लोड 3% तक सीमित रहेगा
- निवेशकों को फंड से बाहर निकलते समय कम चार्ज देना होगा
- SIP निवेशकों को ज्यादा रिटर्न मिलेगा
IPO नियमों में भी बड़े बदलाव
SEBI बोर्ड ने IPO से जुड़े कई अहम फैसले भी लिए हैं, जिनका असर बड़े निवेशकों और कंपनियों पर पड़ेगा:
1. मेगा IPO के लिए ज्यादा समय
बड़ी कंपनियों को न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (MPS) पूरी करने के लिए अधिक समय मिलेगा

2. एंकर निवेशकों की संख्या बढ़ी
₹250 करोड़ से अधिक के एंकर निवेशकों की संख्या 25 से बढ़ाकर 30 कर दी गई
3. बीमा और पेंशन फंड को अतिरिक्त कोटा
- एंकर कोटे में 7% अतिरिक्त हिस्सा
- कुल मिलाकर 40% कोटा अब बीमा, पेंशन और म्यूचुअल फंड्स के लिए
4. बड़ी कंपनियों के IPO आसान
₹5 लाख करोड़ से अधिक मार्केट कैप वाली कंपनियां अब केवल 2.5% हिस्सेदारी बेचकर IPO ला सकेंगी (पहले 5%)
₹50,000 करोड़ से ₹1 लाख करोड़ वाली कंपनियों को MPS पूरा करने के लिए 5 साल का समय मिलेगा
मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर में भी बदलाव

SEBI ने यह भी तय किया है कि मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर संस्थानों के बोर्ड में:
- कम से कम दो कार्यकारी निदेशकों की नियुक्ति अनिवार्य होगी
इस फैसले से खासकर उन निवेशकों को फायदा होगा जो शॉर्ट या मीडियम टर्म में अपने निवेश को निकालते हैं।
निवेशकों और बाजार पर असर
इन फैसलों से:
- निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा
- म्यूचुअल फंड में निवेश और आकर्षक होगा
- IPO बाजार में नई कंपनियों की एंट्री आसान होगी
- विदेशी और घरेलू निवेश दोनों को बढ़ावा मिलेगा

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