अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर, ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का कड़ा रुख
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है। हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ गई है।

होर्मुज जलमार्ग को खोलने और संभावित समझौते की समयसीमा खत्म होने से पहले ही स्थिति और गंभीर हो गई। ईरान के रणनीतिक रूप से अहम खार्ग द्वीप, रेलवे पुलों और बिजली संयंत्रों पर अमेरिका और इजरायल की ओर से हमले शुरू कर दिए गए। इन हमलों ने क्षेत्र में तनाव को और भड़का दिया है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कड़ा और चेतावनी भरा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कोई समझौता नहीं हुआ, तो “एक पूरी सभ्यता का अंत” हो सकता है। भारतीय समयानुसार यह चेतावनी बुधवार सुबह 5:30 बजे के आसपास दी गई, जिसने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी।
ट्रंप की इस धमकी पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने साफ तौर पर कहा कि अब बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं बची है और उसने अमेरिका के साथ सभी राजनयिक संबंध तोड़ने का ऐलान कर दिया है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी कड़ा संदेश देते हुए कहा कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सहयोगी देशों के शहर सुरक्षित नहीं रहेंगे। साथ ही चेतावनी दी गई कि अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए इस क्षेत्र से तेल और गैस हासिल करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
ईरान ने आगे यह भी संकेत दिया कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य के साथ-साथ बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को भी बंद कर सकता है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग हैं।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी देशवासियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि लगभग 1.4 करोड़ ईरानी अपने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने को तैयार हैं।
दूसरी ओर, इजरायली सेना ने ईरान के नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे रात 9 बजे के बाद ट्रेन यात्रा से बचें। वहीं, अमेरिकी हमलों के विरोध में ईरान में ऊर्जा संयंत्रों के आसपास लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर एकजुटता भी दिखाई।
तेजी से बदलते घटनाक्रमों के बीच यह संघर्ष अब वैश्विक शांति और ऊर्जा

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