आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पाकिस्तान के साथ चल रहे कार्यक्रम की अहम समीक्षा पूरी कर ली है, जिससे देश को करीब 1.2 अरब डॉलर (लगभग 10,200 करोड़ रुपये) की वित्तीय मदद मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

IMF और पाकिस्तान के बीच अहम समझौता
आईएमएफ ने एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (EFF) के तहत तीसरी समीक्षा और रेजिलियंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी (RSF) के तहत दूसरी समीक्षा सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस समीक्षा के बाद दोनों पक्षों के बीच स्टाफ-लेवल एग्रीमेंट हो गया है, जो आगे IMF बोर्ड की मंजूरी के बाद लागू होगा।
आईएमएफ की टीम ने 25 फरवरी से 2 मार्च तक कराची और इस्लामाबाद में पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ बातचीत की थी। शुरुआती दौर में सहमति नहीं बन पाई थी, लेकिन बाद में वर्चुअल मीटिंग के जरिए समझौता फाइनल किया गया।

किस मद में कितना फंड मिलेगा
आईएमएफ मिशन प्रमुख इवा पेट्रोवा के अनुसार, बोर्ड की मंजूरी के बाद पाकिस्तान को:
- EFF के तहत लगभग 1.0 बिलियन डॉलर
- RSF के तहत लगभग 210 मिलियन डॉलर की सहायता मिलेगी।
आर्थिक स्थिरता पर जोर
आईएमएफ ने कहा कि पाकिस्तान सरकार मैक्रो-फाइनेंशियल स्थिरता बनाए रखने के लिए ठोस आर्थिक नीतियों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, देश विकास की गति बढ़ाने के लिए संरचनात्मक सुधारों को और मजबूत कर रहा है।
ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव से कमजोर वर्ग पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।
7 अरब डॉलर के कार्यक्रम का हिस्सा
पाकिस्तान 2024 में IMF के 7 अरब डॉलर के एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (EFF) कार्यक्रम में शामिल हुआ था। इस योजना का उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, निवेशकों का भरोसा बहाल करना, राजकोषीय सुधार लागू करना और ऊर्जा क्षेत्र की समस्याओं को दूर करना है।
इसके अलावा, पाकिस्तान को पहले ही 1.4 अरब डॉलर की रेजिलियंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी (RSF) मिल चुकी है, जिसका मकसद जलवायु परिवर्तन से निपटना, आपदा प्रबंधन सुधारना और ग्रीन फाइनेंसिंग को बढ़ावा देना है।

निष्कर्ष
आईएमएफ की यह मदद पाकिस्तान की डगमगाती अर्थव्यवस्था को संभालने में अहम भूमिका निभा सकती है। हालांकि, लंबे समय में आर्थिक स्थिरता के लिए पाकिस्तान को सख्त आर्थिक सुधारों और नीतिगत अनुशासन को जारी रखना होगा।

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