वैश्विक तेल बाजार में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। अमेरिकी निवेश बैंक Goldman Sachs ने 2026 के लिए कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों का अनुमान बढ़ा दिया है। इसके पीछे मुख्य कारण Strait of Hormuz में संभावित तनाव और Iran द्वारा इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को बंद करने की आशंका बताई जा रही है।

बढ़ सकते हैं कच्चे तेल के दाम
- Goldman Sachs के ताजा अनुमान के मुताबिक:
- ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): औसतन $85 प्रति बैरल
- डब्ल्यूटीआई क्रूड (WTI Crude): औसतन $79 प्रति बैरल
यह बढ़ोतरी पहले के अनुमान से ज्यादा है, जिससे साफ है कि वैश्विक सप्लाई पर बड़ा दबाव बन सकता है।
क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल ट्रांजिट मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। यदि यह मार्ग बाधित होता है, तो पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिससे कीमतों में तेज उछाल आना तय है।
उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका
Goldman Sachs ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में कच्चे तेल के उत्पादन में बड़ा नुकसान हो सकता है:

- वर्तमान उत्पादन हानि: 11 मिलियन बैरल प्रति दिन
- संभावित अधिकतम हानि: 17 मिलियन बैरल प्रति दिन
यदि हालात सामान्य होने में समय लगता है, तो यह संकट और गहरा सकता है।
कुल नुकसान कितना हो सकता है?
बैंक के अनुसार, अगर चार सप्ताह में स्थिति सामान्य हो जाती है, तब भी कुल संचयी नुकसान 800 मिलियन बैरल से अधिक हो सकता है। यह आंकड़ा वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बेहद बड़ा झटका साबित हो सकता है।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
- कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है:
- पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं
- ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से महंगाई में इजाफा होगा
- रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी हो सकती हैं


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