सरकारी योजनाओं से मिली राहत – कभी अधूरे रहे सपनों को मिला सहारा
जोधपुर। राज्य सरकार की पहल पर आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर लगातार ग्रामीण जीवन में नई आशा और राहत की किरण बन रहे हैं। पंचायत समिति चामू की ग्राम पंचायत गिलाकौर में आयोजित शिविर ने इसकी मिसाल प्रस्तुत की, जब वर्षों से लंबित विवाद का निपटारा ग्रामवासियों की सहमति से मौके पर ही कर दिया गया।
ग्राम सुल्तानसिंह नगर, पटवार हल्का गिलाकौर के खसरा न. 449 में खातेदार मदन सिंह, किशन सिंह पुत्र पन्नेसिंह और ग्राम पंचायत गिलाकौर के बीच आपसी सहमति से बंटवारा संपन्न हुआ। तुरंत ही खातेदारों और पंचायत के नाम अलग-अलग खाता बना दिए गए, जिससे अब वे सरकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से उठा सकेंगे। इस समाधान से ग्रामवासियों और खातेदारों के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी। उपस्थित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री एवं राजस्व विभाग का आभार जताया। इस अवसर पर पटवारी मनोहर सिंह, सहायक प्रशासनिक अधिकारी पपू सिंह, एल.आर.सी. पटवारी पिस्ता बाई मीना, सरपंच कान सिंह और शिविर प्रभारी नायब तहसीलदार बिरम सिंह उपस्थित रहे।
मातृ वंदना योजना से मिली संबल की राह
यही नहीं, इसी शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी दी गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने ऊषा देवी को योजना से जोड़ा, जिसके तहत पंजीकरण करवाने पर उन्हें कुल 5000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। यह मदद उनके परिवार के लिए न सिर्फ राहत है, बल्कि सरकार की मातृत्व सुरक्षा और संवेदनशीलता का सशक्त प्रतीक भी है।
वर्षों की प्रतीक्षा के बाद मिला पट्टा
शुक्रवार को पंचायत समिति लूणी की ग्राम पंचायत खाराबेरा पुरोहितान में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर ने भी एक ग्रामीण की ज़िंदगी में नई रोशनी भर दी। तहसीलदार लूणी इमराम खान के निर्देशन में आयोजित शिविर में धना राम पुत्र ओखा राम मेघवाल को लंबे इंतजार के बाद पट्टा प्राप्त हुआ। धना राम ने भावुक होकर बताया कि वह कई वर्षों से पट्टा प्राप्त करने के लिए प्रयासरत थे। भारत सरकार की स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रॉपर्टी पार्सल मिलने के बाद उन्होंने आवेदन किया और शुक्रवार को उन्हें पट्टा मिलने से उनका सपना पूरा हो गया।
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और संसदीय कार्य मंत्री जोगा राम पटेल का धन्यवाद दिया


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