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जोधपुर के किशोर कड़लेवा बने मानवता की मिसाल, रक्त सेवा को बनाया जीवन का मिशन

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मानव सेवा रक्त सेवा संस्थान के समर्पित सेवादार की प्रेरणादायक कहानी, सैकड़ों मरीजों को दिला चुके हैं नया जीवन

जोधपुर। आज के दौर में जहां अधिकांश लोग अपने काम, व्यवसाय और पारिवारिक जिम्मेदारियों में व्यस्त रहते हैं, वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो दूसरों की जिंदगी बचाने को अपना सबसे बड़ा कर्तव्य मानते हैं। जोधपुर के किशोर कड़लेवा ऐसे ही व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने मानव सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया है। किसान परिवार से जुड़े होने के बावजूद वे वर्षों से रक्तदान और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदाताओं की व्यवस्था करने में दिन-रात जुटे हुए हैं।

जोधपुर में जब भी किसी मरीज को दुर्लभ रक्त समूह की आवश्यकता होती है या किसी अस्पताल से आपातकालीन कॉल आती है, तो सबसे पहले जिन लोगों को याद किया जाता है उनमें किशोर कड़लेवा का नाम प्रमुखता से शामिल होता है। वे मानव सेवा रक्त सेवा संस्थान के सक्रिय सेवादार के रूप में समाज में एक अलग पहचान बना चुके हैं।

मरीज की जरूरत उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता

किशोर का मानना है कि किसी भी व्यक्ति की जान बचाने से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। यही कारण है कि यदि किसी मरीज के लिए रक्त की आवश्यकता का फोन आता है तो वे अपना निजी कार्य छोड़कर तुरंत सेवा में लग जाते हैं।

उनके अनुसार, “खेती का काम बाद में भी हो सकता है, लेकिन किसी मरीज की जिंदगी का सवाल हो तो हर मिनट कीमती होता है।”

यही सोच उन्हें आम लोगों से अलग बनाती है। चाहे दिन हो या रात, गर्मी हो या सर्दी, वे हर समय जरूरतमंदों की सहायता के लिए तैयार रहते हैं।

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जब खेत से सीधे अस्पताल पहुंच गए

किशोर के सेवा भाव का एक उदाहरण पिछले वर्ष सामने आया। वे खेत में कृषि कार्य कर रहे थे, तभी उन्हें अस्पताल से फोन आया कि एक मासूम बच्ची की हालत गंभीर है और उसे तत्काल दुर्लभ रक्त समूह की आवश्यकता है। डॉक्टरों ने सीमित समय बताया और स्थिति अत्यंत चिंताजनक थी।

फोन मिलते ही उन्होंने अपना काम छोड़ा और रक्तदाताओं से संपर्क शुरू कर दिया। कुछ ही समय में उन्होंने कई संभावित रक्तदाताओं से बात की, स्वयं अस्पताल पहुंचे और आवश्यक समन्वय किया। कई घंटों की अथक मेहनत के बाद रक्त की व्यवस्था हो सकी और बच्ची की जान बच गई।

यह घटना केवल एक उदाहरण है। ऐसी अनेक घटनाएं हैं जब किशोर ने समय रहते रक्त उपलब्ध करवाकर कई परिवारों को अपनों से बिछड़ने से बचाया है।

रक्तदान को जनआंदोलन बनाने में निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका

मानव सेवा रक्त सेवा संस्थान के माध्यम से किशोर  कड़लेवा न केवल रक्तदाताओं को जोड़ने का कार्य करते हैं बल्कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वे नियमित रूप से रक्तदान शिविरों के आयोजन, युवाओं को प्रेरित करने, थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए रक्त उपलब्ध करवाने और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय रहते हैं।

संस्थान के साथ मिलकर उन्होंने हजारों लोगों तक यह संदेश पहुंचाया है कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित है और इससे किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाई जा सकती है।

परिवार का भी मिलता है पूरा सहयोग

समाज सेवा के इस कार्य में उनके परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान है। कई बार त्योहार, पारिवारिक कार्यक्रम और विशेष अवसर भी अस्पतालों और रक्तदान शिविरों के बीच ही बीत जाते हैं। इसके बावजूद परिवार के सदस्य उनके कार्य को समझते हैं और उन्हें निरंतर सहयोग प्रदान करते हैं।

परिजनों का कहना है कि जब किसी मरीज की जान बचती है तो उससे मिलने वाली संतुष्टि किसी भी व्यक्तिगत खुशी से बड़ी होती है।

प्रचार से दूर, सेवा के करीब

आज के समय में जहां छोटी-सी मदद भी सोशल मीडिया पर प्रचार का माध्यम बन जाती है, वहीं किशोर कड़लेवा निस्वार्थ भाव से सेवा करते हैं। उन्हें सम्मान, प्रसिद्धि या प्रचार की अपेक्षा नहीं है। उनका उद्देश्य केवल जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाना है।

उनसे जब उनके योगदान के बारे में पूछा जाता है तो वे स्वयं को केवल “मानव सेवा रक्त सेवा संस्थान का एक साधारण सेवादार” बताते हैं।

समाज के लिए प्रेरणा हैं किशोर

किशोर कड़लेवा की कार्यशैली यह संदेश देती है कि यदि सेवा का भाव सच्चा हो तो व्यस्तता कभी बाधा नहीं बनती। उन्होंने साबित किया है कि इच्छाशक्ति और समर्पण के बल पर समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

आज जोधपुर में सैकड़ों परिवार ऐसे हैं जो उनके प्रयासों के कारण अपने प्रियजनों को सुरक्षित देख पा रहे हैं। यही कारण है कि शहर के लोग उन्हें केवल एक सामाजिक कार्यकर्ता नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण मानते हैं।

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