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बिराई नदी में अवैध बजरी खनन का खेल, प्रशासन बना मूकदर्शक

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जोजरी नदी से दिन-रात सैकड़ों डंपरों का परिवहन, ग्रामीणों में दहशत

बावड़ी। पंचायत समिति बावड़ी की ग्राम पंचायत बिराई में जोजरी नदी क्षेत्र इन दिनों अवैध बजरी खनन का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बांध के समीप नदी के बहाव क्षेत्र में लंबे समय से दिन-रात बड़े पैमाने पर अवैध बजरी खनन और परिवहन किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभाग अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाए हैं। इससे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।

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ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत बिराई के खसरा संख्या 665 स्थित सरकारी भूमि एवं नदी बहाव क्षेत्र में जेसीबी मशीनों की मदद से बड़े स्तर पर बजरी की खुदाई की जा रही है। इसके बाद सैकड़ों डंपरों के जरिए बजरी का परिवहन किया जाता है। लगातार हो रहे खनन के कारण नदी क्षेत्र में जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे भविष्य में बड़े हादसों की आशंका बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि करीब 40 हेक्टेयर क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियां संचालित हो रही हैं।

अवैध खनन गैंग सक्रिय, निगरानी में लगे कैंपर वाहन

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में संगठित तरीके से अवैध बजरी खनन गैंग सक्रिय है। खनन कार्य में जेसीबी मशीनों का खुलेआम उपयोग किया जा रहा है, जबकि परिवहन के लिए लगातार डंपर दौड़ रहे हैं। निगरानी के लिए बोलेरो कैंपर वाहन भी तैनात किए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि डंपर चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिससे आमजन में लगातार डर बना हुआ है।

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ग्रामीणों ने बताया कि कई बार प्रशासन, पुलिस और खनन विभाग को शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि अवैध बजरी से भरे डंपर खुलेआम थाने के सामने से गुजरते हैं, फिर भी उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।

डंपर हादसे के बाद बढ़ा ग्रामीणों का आक्रोश

गौरतलब है कि 5 मई को अवैध बजरी से भरे एक डंपर ने बाइक सवारों को चपेट में ले लिया था, जिसमें एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध खनन और परिवहन पर रोक नहीं लगी तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।

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विभागों पर मिलीभगत के आरोप

ग्रामीणों ने पुलिस, खनन विभाग और जल संसाधन विभाग पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि संबंधित विभागों की अनदेखी और कथित संरक्षण के कारण ही अवैध खनन का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध करने वालों को धमकियां दी जाती हैं, जिसके चलते लोग भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर हैं।

तहसीलदार ने किया मौके का निरीक्षण

लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बावड़ी तहसीलदार वीरेंद्र सिंह शेखावत ने रविवार को बिराई नदी क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर अवैध खनन क्षेत्र का जायजा लिया और हल्का पटवारी को विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए।

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तहसीलदार वीरेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि अवैध बजरी खनन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन, पुलिस और खनन विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई कर इस अवैध गतिविधि पर रोक लगाएंगे।

पटवारी रिपोर्ट में अवैध खनन की पुष्टि

तहसीलदार के निर्देश पर हल्का पटवारी नंदकिशोर सुथार ने क्षेत्र का दौरा कर रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट में ग्राम पंचायत बिराई के खसरा नंबर 665 स्थित राज्य सरकार की भूमि पर अवैध बजरी खनन की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार कई हेक्टेयर क्षेत्र में अवैध खुदाई की गई है और नदी क्षेत्र में गहरे गड्ढे बन गए हैं। यह रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।

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क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी


“बिराई नदी में अवैध बजरी खनन की जानकारी मिली है। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

जवाहर राम चौधरी, उपखंड अधिकारी, बावड़ी


“मामले की जानकारी लेकर जांच करवाई जाएगी। यदि अवैध खनन पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

शांतिलाल आहारी, सहायक खनन अधिकारी, जोधपुर

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