जोधपुर में दो दिवसीय कार्यशाला का समापन, कृषि नीतियों और आधुनिक तकनीकों पर मंथन
जोधपुर |भारतीय कृषि-आर्थिक अनुसंधान केन्द्र (जोधपुर चैप्टर) द्वारा “सतत कृषि एवं किसान समृद्धि हेतु समयानुकूल नीतियां तथा तकनीकियां” विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का समापन रविवार को पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, नेतड़ा (जोधपुर) में हुआ।
समापन सत्र के मुख्य वक्ता भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी रहे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलगुरु डॉ. (प्रो.) विरेंद्र सिंह जैतावत उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता दिनेश कुलकर्णी ने कृषि वैज्ञानिकों से किसानों की समस्याओं और युवा कृषकों की आकांक्षाओं के अनुरूप नवीन अनुसंधान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किसानों का समृद्ध होना और गाँवों का आत्मनिर्भर बनना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने “गौ, कृषि एवं वाणिज्य” के समन्वित विकास को देश की प्रगति का आधार बताया।
मुख्य अतिथि डॉ. विरेंद्र सिंह जैतावत ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर किसानों की सेवा के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने किसानों को विश्वविद्यालय की बीज ग्रेडिंग सेवाओं का लाभ उठाने और ग्राम स्तर पर लघु एवं कुटीर उद्योगों को अपनाकर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने का सुझाव दिया। साथ ही महिलाओं और युवाओं के लिए कृषि तकनीकों एवं उपकरणों के अधिक प्रसार पर जोर दिया।
कार्यशाला के दौरान सौर ऊर्जा, पशुधन प्रबंधन, औषधीय फसलों की खेती, जंगली जानवरों एवं आवारा पशुओं की समस्या, फसल विविधीकरण, जैविक कृषि और कृषि आधारित लघु एवं कुटीर उद्योग जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत व्याख्यान दिए और विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों और किसानों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के अनुसंधान निदेशक डॉ. मनमोहन सुंदरिया, प्रसार निदेशक डॉ. सेवाराम कुमावत, काजरी विभागाध्यक्ष डॉ. एच.एल. कुशवाह, भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री तुलछाराम सिंवर, मेघा राम तरड़ सहित काजरी, कृषि विश्वविद्यालय, आयुर्वेद विश्वविद्यालय, वेटेनरी महाविद्यालय एवं आईसीएमआर के वैज्ञानिक एवं किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय आयोजन सचिव मनोज कुमार द्वारा किया गया।


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