जयपुर: राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव में हो रही देरी को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट की खंडपीठ के एसीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता ने इस मामले में अवमानना नोटिस जारी किए हैं। अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग और चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह से 4 सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।

यह कार्रवाई कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा और गिरिराज सिंह देवंदा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट प्रेमचंद देवंदा और अभिषेक देवंदा ने पैरवी करते हुए अदालत को बताया कि सरकार और चुनाव आयोग जानबूझकर हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं और चुनाव कराने में देरी कर रहे हैं।
याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट ने पहले 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के स्पष्ट निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद अब 22 अप्रैल को वोटिंग लिस्ट जारी करने की बात कही जा रही है। इससे साफ है कि आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि हाईकोर्ट के निर्देशानुसार परिसीमन की पूरी प्रक्रिया 31 दिसंबर तक पूरी की जानी थी, लेकिन अब तक इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
मामले की अगली सुनवाई में आयोग और सरकार को जवाब देना होगा, जिससे यह तय होगा कि चुनाव प्रक्रिया में हो रही देरी के लिए कौन जिम्मेदार है।


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