
बावड़ी (जोधपुर)। जय अम्बे माँ मंदिर, बुचेटी धाम में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर चल रही इस कथा में व्यासपीठ से कैलाश गिरी महाराज ने शिव-सती और राजा दक्ष के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए जीवन प्रबंधन के महत्वपूर्ण सूत्र बताए।
🔶 पारिवारिक सामंजस्य का संदेश
महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि गृहस्थ जीवन की सफलता आपसी समझ, विश्वास और परामर्श पर आधारित होती है। सती और राजा दक्ष के प्रसंग को समझाते हुए उन्होंने बताया कि पति-पत्नी को हर निर्णय आपसी सहमति से लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिना सलाह और बिना विचार के लिए गए निर्णय अक्सर परिवार में कलह और दुख का कारण बनते हैं।

🔶 धर्म रक्षा हेतु अवतार का महत्व
कथा के दौरान महाराज ने ईश्वरीय अवतार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब परमात्मा भक्तों के कल्याण और धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं।
भगवान शिव के विभिन्न स्वरूप मानव जीवन को सत्य, संयम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

🔶 भक्ति में डूबा बुचेटी धाम
कथा के दौरान संत रामदेव सूरदास महाराज और मंदिर के पुजारी चेतन राम भाटी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। बीच-बीच में प्रस्तुत शिव भजनों ने माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भजनों पर झूम उठे और पूरा बुचेटी धाम “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा।
इन दिनों पूरे क्षेत्र में भक्ति की अविरल धारा बह रही है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।

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