
जिला मंत्री मेघाराम तरड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में संगठनात्मक विषयों के साथ-साथ वर्तमान हालात, विशेष रूप से हाल ही में हुई बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से किसानों को हुए भारी नुकसान पर गंभीर चर्चा की गई।

बैठक में यह सामने आया कि 18 व 19 मार्च 2026 को हुई बारिश और ओलावृष्टि ने जिले के किसानों को गहरा नुकसान पहुंचाया है। खासकर ओसियां, चामू, सेखाला, तिंवरी, बावड़ी, हतुंडी, उम्मेद नगर और मंडोर क्षेत्र के कई गांव प्रभावित हुए हैं। जीरा, इसबगोल, चना, गेहूं, प्याज और सरसों जैसी प्रमुख फसलें बर्बादी के कगार पर पहुंच गई हैं। कई जगहों पर कटी हुई फसल पूरी तरह नष्ट हो गई, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए बैठक में सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण मांगों के साथ प्रस्ताव पारित किया गया। इनमें पूरे जिले को आपदा ग्रस्त घोषित करने, विशेष गिरदावरी करवाकर नुकसान का सही आकलन करने, प्रभावित किसानों को त्वरित मुआवजा देने, पूरी तरह फसल नष्ट होने पर कृषि ऋण माफी और आगामी सीजन के लिए ब्याजमुक्त ऋण देने की मांग शामिल है।

इसके अलावा फसल बीमा क्लेम प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने, बिजली बिल और पानी कर में राहत देने तथा पशुपालकों के लिए चारा व पशु आहार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि भारतीय किसान संघ का प्रतिनिधिमंडल 23 मार्च 2026 को जिला कलेक्टर, जोधपुर को ज्ञापन सौंपेगा।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन व्यापक स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।


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